यूपी को मिलेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन! वाराणसी से दिल्ली का सफर होगा आसान, प्रयागराज में भी ठहराव
यूपी को मिलेगी पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन! वाराणसी से दिल्ली का सफर होगा आसान, प्रयागराज में भी ठहराव
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात मिलने जा रही है। वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली यह ट्रेन 31 अक्टूबर को शुरू की जाएगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में इसे हरी झंडी दिखाएंगे।
आधुनिक सुविधाओं से लैस इस ट्रेन का उद्देश्य रात में लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को तेज, आरामदायक और सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराना है। करीब 966 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली यह ट्रेन वाराणसी से रात में रवाना होकर अगले दिन सुबह दिल्ली पहुंचेगी। नियमित परिचालन के लिए प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार यात्रा में लगभग नौ घंटे लगेंगे।
वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की प्रीमियम रात्रिकालीन रेल सेवाओं की नई कड़ी है। अब तक वंदे भारत ट्रेनों की पहचान मुख्य रूप से दिन के समय चलने वाली चेयरकार सेवाओं के रूप में रही है। स्लीपर संस्करण को लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि यात्री रात में सोते हुए सफर कर सकें और सुबह अपने गंतव्य पर पहुंच सकें। इस ट्रेन से वाराणसी, प्रयागराज और कानपुर के यात्रियों को राजधानी दिल्ली आने-जाने के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। धार्मिक यात्रा, कारोबार, शिक्षा, नौकरी और पर्यटन के सिलसिले में दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले लोगों के लिए भी यह सेवा उपयोगी होगी।
रेलवे की प्रस्तावित समय-सारणी के मुताबिक वाराणसी से ट्रेन संख्या 27421 रात 8:50 बजे रवाना होगी। यह रात 10:35 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंचेगी और पांच मिनट के ठहराव के बाद 10:40 बजे आगे बढ़ेगी। इसके बाद ट्रेन कानपुर सेंट्रल से होकर अगले दिन सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 27422 नई दिल्ली से रात 9:40 बजे रवाना होगी। यह अगले दिन सुबह 4:45 बजे प्रयागराज जंक्शन पहुंचेगी और पांच मिनट के ठहराव के बाद वाराणसी के लिए रवाना होगी। इसके सुबह 6:45 बजे वाराणसी पहुंचने का समय निर्धारित किया गया है।
यह सेवा सप्ताह में छह दिन चलाने की योजना है। वाराणसी से शुक्रवार और नई दिल्ली से शनिवार को ट्रेन का नियमित संचालन नहीं होगा। हालांकि, उद्घाटन के दिन ट्रेन की विशेष सेवा और नियमित वाणिज्यिक परिचालन की समय-सारणी अलग होगी। उद्घाटन के लिए प्रस्तावित विशेष सेवा वाराणसी से शाम 4:30 बजे रवाना होकर रात करीब 1:30 बजे नई दिल्ली पहुंचने वाली है। नियमित सेवा के लिए यात्रियों को रेलवे की अंतिम समय-सारणी और बुकिंग संबंधी घोषणा का इंतजार करना होगा।
ट्रेन में कुल 16 वातानुकूलित कोच होंगे। इनमें प्रथम वातानुकूलित श्रेणी का एक, द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी के चार और तृतीय वातानुकूलित श्रेणी के 11 कोच शामिल हैं। इनकी कुल यात्री क्षमता करीब 823 होगी। अलग-अलग श्रेणियों की व्यवस्था यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार सफर का विकल्प देगी। स्लीपर बर्थ होने के कारण लंबी दूरी के यात्री यात्रा के दौरान आराम कर सकेंगे।
ट्रेन में आपात स्थिति के दौरान यात्रियों और रेल कर्मचारियों के बीच संपर्क के लिए विशेष संचार व्यवस्था दी गई है। लंबी दूरी की यात्रा में स्वच्छता बनाए रखने के लिए आधुनिक शौचालयों की व्यवस्था भी की गई है।
सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में स्वदेशी कवच टक्कर-रोधी प्रणाली लगाई गई है। इसका उद्देश्य निर्धारित परिस्थितियों में संभावित टक्कर के जोखिम को कम करने में सहायता करना है। प्रत्येक कोच में सीसीटीवी कैमरे और आग का पता लगाने तथा चेतावनी देने वाली प्रणाली उपलब्ध होगी। आपात स्थिति में यात्रियों की सहायता के लिए अलार्म और संचार संबंधी सुविधाएं भी दी गई हैं। कोचों के बीच स्वचालित दरवाजे और सीलबंद गलियारे बनाए गए हैं। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा के साथ ट्रेन के भीतर सुविधाजनक आवाजाही सुनिश्चित करना है। वंदे भारत स्लीपर को आधुनिक तकनीक और स्वदेशी निर्माण को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
टिकट के किराये को लेकर यात्रियों की नजर रेलवे की आधिकारिक घोषणा पर है। वाराणसी-नई दिल्ली सेवा के लिए श्रेणीवार वाणिज्यिक किराये की अंतिम जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है। किराया तय होने और बुकिंग शुरू होने के बाद ही प्रथम, द्वितीय और तृतीय वातानुकूलित श्रेणियों में यात्रा की लागत स्पष्ट होगी। यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या आरक्षण प्रणाली पर उपलब्ध समय-सारणी, ठहराव और किराये की पुष्टि करनी होगी।
उल्लेखनीय है कि देश में पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस हावड़ा और कामाख्या के बीच शुरू की गई थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसी साल 17 जनवरी को इस सेवा को हरी झंडी दिखाई थी। इसका नियमित वाणिज्यिक परिचालन 22 जनवरी से शुरू हुआ था। अब वाराणसी-नई दिल्ली मार्ग पर दूसरी वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू होने से इस श्रेणी की ट्रेनों का नेटवर्क विस्तार पाएगा। उत्तर प्रदेश के लिए यह पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन होगी।
उल्लेखनीय है कि रेलवे ने 15 फरवरी 2019 को नई दिल्ली-वाराणसी मार्ग पर पहली वंदे भारत एक्सप्रेस शुरू की थी। इसके बाद इस स्वदेशी सेमी हाईस्पीड ट्रेन का नेटवर्क देशभर में विस्तारित हुआ।