काशी विश्वनाथ धाम में गांधी-शास्त्री जयंती पर विचार गोष्ठी, ध्वजारोहण कर दी गई श्रद्धांजलि

वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ धाम के प्रशासनिक भवन में मुख्य कार्यपालक अधिकारी सत्यम मिश्र ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद आयोजित गोष्ठी में अधिकारियों और कर्मचारियों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।

काशी विश्वनाथ धाम में गांधी-शास्त्री जयंती पर विचार गोष्ठी, ध्वजारोहण कर दी गई श्रद्धांजलि

वाराणसी, 02 अक्टूबर । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुक्रवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धापूर्वक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर धाम परिसर स्थित प्रशासनिक भवन (नीलकंठ कार्यालय) परिसर में ध्वजारोहण तथा धाम स्थित सभागार (बोर्ड रूम) में विचार गोष्ठी का आयोजन भी किया गया।

शुरूआत श्री काशी विश्वनाथ धाम स्थित नीलकंठ प्रशासनिक भवन परिसर में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सत्यम मिश्र के ध्वजारोहण से हुआ। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास एवं श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी में ध्वजारोहण के पश्चात धाम स्थित सभागार (बोर्ड रूम) में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी व भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। गोष्ठी में अधिकारियों एवं कार्मिकों ने दोनों महान विभूतियों के जीवन, विचारों, आदर्शों एवं राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को स्मरण करते हुए अपने-अपने विचार व्यक्त किए तथा उनके प्रति अपनी श्रद्धा एवं सम्मान प्रकट किया।

गोष्ठी के दौरान उपजिलाधिकारी, डिप्टी कलेक्टर एवं नायब तहसीलदार सहित उपस्थित अधिकारियों एवं कार्मिकों ने विचार व्यक्त किए गए। वक्ताओं ने सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा जैसे मूल्यों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए सार्वजनिक जीवन एवं प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन में इन आदर्शों को अपनाने पर बल दिया।

गोष्ठी के समापन पर मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने अधिकारियों एवं कार्मिकों को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के विचारों एवं जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया । उन्होंने कहा कि दोनों महान विभूतियों का जीवन सत्यनिष्ठा, सादगी, अनुशासन, कर्तव्यपरायणता एवं राष्ट्रसेवा का प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्शों को अपने आचरण एवं कार्यशैली में आत्मसात करते हुए जनसेवा के दायित्वों का पूर्ण निष्ठा, संवेदनशीलता एवं ईमानदारी के साथ निर्वहन किया जाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

इस अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराने तथा श्रद्धालु सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपने दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करने का संकल्प व्यक्त किया गया।