रेरा के 329 वसूली प्रमाणपत्रों पर कार्रवाई लंबित! इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

438 में सिर्फ 109 वसूली प्रमाणपत्रों का हुआ निस्तारण, प्रभावी क्रियान्वयन के लिए हाईकोर्ट ने जनहित याचिका दर्ज कर गाजियाबाद डीएम और रेरा को नोटिस जारी किया

रेरा के 329 वसूली प्रमाणपत्रों पर कार्रवाई लंबित! इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान



प्रयागराज, 06 नवंबर

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) द्वारा जारी वसूली प्रमाणपत्रों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की है। मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की पीठ ने यह आदेश पारित किया।

पीठ ने पाया कि कुल 438 वसूली प्रमाणपत्रों में से केवल 109 का निस्तारण हुआ है, जबकि 329 प्रमाणपत्रों पर वसूली अब भी बाकी है। पीठ ने माना कि इस मामले में हाईकोर्ट की निगरानी जरूरी है और इसी कारण वर्तमान जनहित याचिका दर्ज करने का निर्देश दिया।

अदालत ने जिलाधिकारी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (गाजियाबाद) और रेरा गौतमबुद्ध नगर को नोटिस जारी करने का आदेश दिया।

पीठ ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई पर जिलाधिकारी अपने समक्ष लंबित विभिन्न वसूलियों की स्थिति अदालत में पेश करें। इसमें हर वसूली प्रमाणपत्र कितना पुराना है और उसे लागू कराने के लिए अब तक किए गए प्रयासों का ब्योरा देना होगा।

मामले की अगली सुनवाई 21 दिसंबर 2026 को होगी।