जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री, IPO निवेशकों को हर शेयर पर ₹239 का फायदा

जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री, IPO निवेशकों को हर शेयर पर ₹239 का फायदा

जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री, IPO निवेशकों को हर शेयर पर ₹239 का फायदा

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर। डिजिटल कनेक्टिविटी, डिजिटल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस प्रदान करने वाली देश की दिग्गज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में शानदार शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को गदगद कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 1,119 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई और एनएसई दोनों प्रमुख एक्सचेंजों पर इसकी लिस्टिंग 21.4 प्रतिशत के बंपर प्रीमियम के साथ 1,358 रुपये के स्तर पर हुई। इस धमाकेदार शुरुआत के साथ ही जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद देश की दूसरी सबसे मूल्यवान लिस्टेड कंपनी बन गई है।

लिस्टिंग के बाद निवेशकों की ताबड़तोड़ लिवाली के सपोर्ट से यह शेयर कुछ ही देर में और उछल कर 1,375 रुपये के ऊपरी स्तर तक पहुंच गया। बाजार में लगातार जारी खरीद-बिक्री के बीच सुबह 11:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद यह शेयर 1,358 रुपये के स्तर पर मजबूती के साथ टिका हुआ था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 239 रुपये यानी 21.36 प्रतिशत का सीधा और तगड़ा फायदा हो चुका है।

इस कंपनी का 30,187.65 करोड़ रुपये का विशाल आईपीओ 21 से 23 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण यह ओवरऑल 16.36 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 70.52 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन-इन्स्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 13.72 गुना सब्सक्रिप्शन आया था, जिसमें 10 लाख से ऊपर वाले एचएनआई का हिस्सा 15.63 गुना और 10 लाख से नीचे वाले एचएनआई का हिस्सा 9.90 गुना भरा था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.76 गुना, शेयरहोल्डर्स कैटेगरी में 7.25 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.58 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 27 करोड़ शेयर जारी किए गए हैं। यह पूरा आईपीओ 100 प्रतिशत फ्रेश इश्यू पर आधारित था। मतलब इसमें ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए कोई प्रमोटर होल्डिंग नहीं बेची गई है। आईपीओ के फ्रेश इश्यू से जुटाई गई रकम में से 27,500 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी की मटेरियल सब्सिडियरी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड द्वारा लिए गए कुछ बकाया कर्जों को पूरी तरह या आंशिक रूप से चुकाने (प्री-पेमेंट) में किया जाएगा। इसके बाद बची शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और इश्यू के खर्चों की भरपाई करने में उपयोग की जाएगी।

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए दस्तावेजों में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 21,434 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 26,120.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 30,052.70 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 7,764.10 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1,10,175.40 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,29,333 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल राजस्व प्राप्ति में और इजाफा हुआ, जिससे यह बढ़कर 1,49,759.10 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 40,197.90 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 54,348.90 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 73,060.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 70,781 करोड़ रुपये रह गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल कर्ज का बोझ और कम होकर 61,372.20 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।

कंपनी की कुल संपत्ति में भी इस दौरान लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की कुल संपत्ति 5,39,580.40 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5,81,233.80 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़ कर 6,15,594 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 6,22,905.30 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2,68,927.10 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2,95,083.40 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 3,25,074.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़ कर 3,32,839.50 करोड़ रुपये हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 2,77,866.10 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3,04,022.40 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 3,34,013.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी का नेटवर्थ 3,41,778.50 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी लगातार मजबूत उछाल देखने को मिला। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 54,958.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 64,170 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए शानदार बढ़त के साथ 76,255.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 20,864.50 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।