इलाहाबाद हाईकोर्ट में नारेबाजी से सुनवाई बाधित, जज ने स्थगित किया केस; आदेश मुख्य न्यायाधीश को भेजने के निर्देश
कोर्ट नंबर 55 में अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान बाहर शोर-शराबा; आनंद प्रकाश मामले की अगली सुनवाई 5 नवंबर को होगी
प्रयागराज, 29 अक्टूबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय में बुधवार को कोर्ट नंबर 55 में एक अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान कुछ अधिवक्ताओं द्वारा कोर्ट रूम के बाहर शोर मचाने से कार्यवाही बाधित हो गई। न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान ने मामले को स्थगित कर दिया और आदेश की प्रति मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखने के निर्देश दिए।
आनंद प्रकाश केस की सुनवाई चल रही थी, तभी कोर्ट रूम के बाहर मौजूद अधिवक्ताओं ने शोर-शराबा शुरू कर दिया।
अपने आदेश में न्यायालय ने कहा कि बार के कुछ सदस्य कोर्ट को कार्य करने नहीं दे रहे थे और बाहर से नारेबाजी के कारण आगे कार्यवाही चलाना कठिन हो गया। कोर्ट ने यह भी दर्ज किया कि हालांकि कोर्ट रूम में मौजूद अधिवक्ताओं ने अदालत की गरिमा बनाए रखी। जज ने टिप्पणी की कि वादकारियों के बड़े हित में न्यायालय का सुचारु संचालन सुनिश्चित करना बार के सदस्यों की जिम्मेदारी है।
आवेदक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मामला स्थगित करने की प्रार्थना की। न्यायालय ने कहा कि इन हालात में मामले को स्थगित कर उठ जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
कोर्ट ने मामले को 5 नवंबर 2026 को पेश करने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया कि आदेश की प्रति रजिस्ट्रार जनरल द्वारा माननीय मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखी जाए।