इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों का हंगामा, कोर्ट रूम में फेंकी कुर्सियां; बहिष्कार से न्यायिक कामकाज प्रभावित
साथी अधिवक्ता से कथित दुर्व्यवहार को लेकर भड़के वकील; जज के व्यवहार और माफी मांगने के कथित दबाव पर विवाद, चीफ जस्टिस की अदालत में भी कामकाज प्रभावित
प्रयागराज, 29 अक्टूबर । कुर्सी पर बैठने को लेकर मंगलवार को एक अधिवक्ता से दुर्व्यवहार को लेकर हाईकोर्ट में बुधवार को वकीलों ने एक कोर्ट का बहिष्कार किया और जमकर हंगामा, नारेबाजी व तोड़फोड़ की।
मंगलवार को हुई एक घटना को लेकर विवाद बढ़ा। उस कोर्ट में पुलिस अधीक्षक के लिए अगली पंक्ति में अलग कुर्सी रखी गई थी। एक वकील ने एसपी से पीछे बैठने को कहा। सरकारी अधिवक्ता ने इसकी शिकायत जज से की। आरोप है कि वकील को फटकार लगाई गई, जेल भेजने की धमकी दी और एसपी से माफी मांगने को कहा गया। एक वरिष्ठ अधिवक्ता का भी मजाक उड़ाने का आरोप लगाया गया। हाईकोर्ट बार के नवनिर्वाचित अध्यक्ष व महासचिव ने चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग करते हुए उक्त कोर्ट के बहिष्कार की धमकी दी। उनका कहना था कि वकीलों की गरिमा का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बुधवार को जब कोर्ट बैठी तो वकीलों ने नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया। गुस्साए अधिवक्ताओं ने डायस की तरफ कुर्सियां और अन्य फर्नीचर फेंके। बताया जाता है कि शिकायत करने वाले सरकारी वकील को भी वकीलों के गुस्से का कोपभाजन बनना पड़ा। कोर्ट रूम में अफरातफरी मच गई। कोर्ट के बाहर भी जमकर नारेबाजी हुई। बवाल के कारण चीफ जस्टिस कोर्ट में भी लगभग एक घंटा कार्य प्रभावित हुआ। उस दौरान वहां फ्रेश केस नम्बर 13 की सुनवाई चल रही थी। तभी कोर्ट में चीफ जस्टिस के पीपीएस आए और उन्होंने चीफ जस्टिस को कुछ बताया। उसके बाद कोर्ट उठकर चैंबर में चली गई। वहां फिर लगभग 12 बजे सुनवाई शुरू हुई।