अयोध्या में हुतात्मा कारसेवकों को श्रद्धांजलि, संतों ने याद किया राम मंदिर आंदोलन का इतिहास
अयोध्या में हुतात्मा कारसेवकों को श्रद्धांजलि, संतों ने याद किया राम मंदिर आंदोलन का इतिहास
अयोध्या, 02 नवंबर । रामनगरी अयोध्या के शहीद मार्ग स्थित दिगम्बर अखाड़ा परिसर में सोमवार को हुतात्मा कारसेवक स्मारक समिति के तत्वावधान में हुतात्मा कारसेवकों की पुण्य स्मृति में संत समागम एवं श्रद्धांजलि सभा हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ हुतात्मा कारसेवकों के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के साथ हुआ। तत्पश्चात उपस्थित संत-महंतों और जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर विभिन्न संस्कृत विद्यालयों के छात्रों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और वेद पाठ किया गया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता दिगम्बर अखाड़ा के महंत सुरेश दास महाराज ने की। संयोजन उनके उत्तराधिकारी राम लखन दास महाराज ने किया। कार्यक्रम का संचालन वामनजी मंदिर के महंत वैदेही वल्लभ शरण ने किया। श्रद्धांजलि सभा में मुख्य वक्ता के रूप में विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय उपाध्यक्ष चम्पत राय और विहिप राष्ट्रीय मंत्री राजेन्द्र पंकज उपस्थित रहे। इस अवसर पर नगर निगम महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, विधायक रामचन्द्र यादव, विधायक अभय सिंह, विधायक चन्द्रभानु पासवान, जिला पंचायत सदस्य आलोक सिंह रोहित, चेयरमैन धर्मेन्द्र सिंह टिल्लू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
संत समाज की ओर से श्री राम वल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास , अंतरराष्ट्रीय कथावाचक बाल भारत महाराज, हनुमानगढ़ी के महंत, बड़ा भक्तमाल के महंत अवधेश दास, महंत वैदेही वल्लभ शरण , उदासीन आश्रम महंत भरत दास , जगतगुरु वासुदेवाचार्य, महंत गौरीशंकर दास, दिनेश दास, महंत धर्मदास, महंत कमलनयन दास, त्रिवेणीराम , डॉ. भरत दास जी, बिंदुगद्याचार्य देवेन्द्रप्रसादाचार्य, संघ के महानगर संघचालक प्रो. विक्रम प्रसाद पांडेय सहित अयोध्या के सभी प्रमुख संत-महंत उपस्थित रहे। भी विशेष रूप से उपस्थित थे। समारोह में वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में 30 अक्टूबर और 2 नवम्बर 1990 के गोलीकांड को याद किया।
समारोह को संबोधित करते हुए चम्पत राय ने कहा कि विश्व हिन्दू परिषद का राम मंदिर आंदोलन 500 वर्षों के संघर्ष का परिणाम था। तत्कालीन सरकार ने निहत्थे और शांतिपूर्ण कारसेवकों पर बर्बरतापूर्वक गोलियां चलवाईं। 30 अक्टूबर और 2 नवम्बर को शहीद हुए कारसेवकों का बलिदान ही आज के भव्य राम मंदिर की नींव है। उनके त्याग को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
राजेन्द्र सिंह पंकज ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि संतों के आह्वान पर गांव-गांव से लाखों रामभक्त अयोध्या पहुंचे थे। सरकार ने बैरिकेडिंग और लाठीचार्ज के बाद गोली चलाने का आदेश दिया। हनुमानगढ़ी और शहीद मार्ग पर हुआ नरसंहार इतिहास का काला अध्याय है, लेकिन उसी रक्त से आंदोलन को अमरत्व मिला। महापौर गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या आज विश्व की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में जानी जाती है, तो उसका कारण हुतात्मा कारसेवकों का बलिदान है। नगर निगम उनकी स्मृति को स्थायी रूप से संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। समारोह में श्री राम वल्लभा कुंज के राजकुमार दास ने कहा कि 1990 में अयोध्या के आश्रमों ने घायल कारसेवकों को शरण दी थी। उन हुतात्माओं की आत्मा आज भव्य राम मंदिर में विराजमान है।
अंतरराष्ट्रीय कथावाचक बाल भारत जी महाराज ने कहा कि हुतात्मा कारसेवकों ने अपने रक्त से रामचरित्र को जिया है। 2 नवम्बर का दिन करुण होते हुए भी प्रेरणादायी है। उनकी गाथा हर रामभक्त को सुननी चाहिए।
हनुमानगढ़ी और बड़ा भक्तमाल के महंतों ने कहा कि संत समाज इस गोलीकांड का प्रत्यक्षदर्शी रहा है। कारसेवकों पर गोली चलना धर्म पर प्रहार था। आज हनुमानगढ़ी से राम मंदिर तक निर्बाध यात्रा उन्हीं के बलिदान का परिणाम है। महंत सुरेश दास महाराज ने कहा कि दिगम्बर अखाड़ा शहीद मार्ग का साक्षी रहा है। यहां हुतात्माओं का स्थायी स्मारक बनाया जाएगा और प्रतिवर्ष श्रद्धांजलि सभा आयोजित होती रहेगी।
प्रो. विक्रम प्रसाद पांडेय ने कहा कि तत्कालीन सरकार ने तुष्टिकरण के कारण रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। जय श्रीराम का उद्घोष करते हुए शहीद हुए कारसेवकों का बलिदान अयोध्या के वैभव का आधार है। अंत में सभी उपस्थित संत-महंतों, जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों रामभक्तों ने हुतात्मा कारसेवकों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर आयोजन समिति के अध्यक्ष दिगम्बर अखाड़ा के उत्तराधिकारी महंत राम लखन दास , डॉ संजीव थापर, सी ए गोविंद बंसल दिगंबर अखाड़ा व्यवस्थापक आशुतोष सिंह, भारतीय मजदूर संघ जय प्रकाश सिंह, विजय सिंह बंटी, प्रकाश पाठक, सेवा भारती से डॉ आभा सिंह, बीएमएस के अध्यक्ष अमरीश सिंह अयोध्या महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष आलोक सिंह रोहित, विधायक अभय सिंह, सहकारी समिति के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह टिल्लू, अवधेश पांडेय बादल, अभिषेक मिश्रा, ब्लॉक प्रमुख अभिषेक सिंह, रवि सिंह, आचार्य इंद्रदेव मिश्र आदि ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।