TGT भर्ती में रोल नंबर विवाद: आयोग ने लगाया जालसाजी का आरोप, हाईकोर्ट ने मूल रिकॉर्ड तलब किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट में 5 नवंबर को होगी अगली सुनवाई, राजेश कुमार और जीतू कुमार से जुड़े मूल अभिलेख पेश करने के निर्देश।
प्रयागराज, 02 नवंबर । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सहायक अध्यापक (टीजीटी) भर्ती परीक्षा 2025 में रोल नंबर को लेकर उपजे विवाद पर सुनवाई करते हुए चयन आयोग को 5 नवंबर 2026 को मूल अभिलेख पेश करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने राजेश कुमार की याचिका पर यह आदेश दिया।
याचिकाकर्ता राजेश कुमार ने सहायक अध्यापक, प्रशिक्षित स्नातक वर्ग (पुरुष/महिला शाखा) परीक्षा 2025 के विषय वाणिज्य (अनुसूचित जाति वर्ग, शारीरिक रूप से दिव्यांग उप-श्रेणी) में 1 सितंबर 2026 को घोषित परिणाम में अपना नाम सही कराने की मांग की है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि प्रोविजनल एडमिट कार्ड के अनुसार राजेश कुमार का रोल नंबर 0996088 है। पृष्ठ 37 पर लगे परिणाम में भी यही रोल नंबर वाणिज्य विषय में मुख्य परीक्षा के लिए सफल दर्शाया गया है। लेकिन अनंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों की सूची में इसी रोल नंबर के सामने उसी अनुसूचित जाति वर्ग के जीतू कुमार का नाम दर्ज है। इस आधार पर मांग की गई कि अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वे याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन पर निर्णय लेकर परिणाम में क्रमांक 31 पर दर्ज नाम को सही करें।
आयोग की ओर से अधिवक्ता ने निर्देशों के आधार पर दलील दी कि याचिकाकर्ता के एडमिट कार्ड में रोल नंबर 0238376 है, जबकि 0996088 जीतू कुमार का रोल नंबर है। आयोग का कहना है कि याचिकाकर्ता ने अलग रोल नंबर वाले दस्तावेज लगाकर जालसाजी की है।
कोर्ट ने कहा कि मामले के निस्तारण के लिए याचिकाकर्ता और जीतू कुमार, दोनों से संबंधित मूल अभिलेखों का परीक्षण आवश्यक है। याचिका की अगली सुनवाई 5 नवंबर 2026 को होगी।उस दिन आयोग के अधिवक्ता निशीथ यादव को मूल रिकॉर्ड कोर्ट में प्रस्तुत करना होगा। साथ ही उन्हें निर्देशों को रिकॉर्ड पर रखते हुए अगली तारीख तक हलफनामा भी दाखिल करना होगा।