पुराने कोच पार्ट्स से चार रेलवे स्टेशनों पर बने बायो-टॉयलेट, यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं

पुराने कोच पार्ट्स से चार रेलवे स्टेशनों पर बने बायो-टॉयलेट, यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं

पुराने कोच पार्ट्स से चार रेलवे स्टेशनों पर बने बायो-टॉयलेट, यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधाएं

प्रयागराज, 20 अगस्त । यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छ और सुविधाजनक शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए कोच मिड-लाइफ रिहैबिलिटेशन वर्कशॉप (सीएमएलआर), झांसी ने नई पहल की है। वर्कशॉप के तकनीकी कर्मचारियों ने पुराने कोचों से निकाले गए दोबारा उपयोग योग्य सामान का नवीनीकरण कर ललितपुर जिले के माताटीला, जीरोन और जखोरा तथा दतिया जिले के बसई स्टेशन पर मॉड्यूलर जैव शौचालय तैयार कर स्थापित किए हैं। चारों स्टेशन एनएसजी-6 श्रेणी के हैं। यह जानकारी गुरुवार को उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने दी।

उन्होंने बताया कि इस पहल में कोचों की आवधिक मरम्मत के दौरान निकाले गए उपयोग योग्य सामान को कबाड़ मानने के बजाय दोबारा उपयोग में लाया गया है। इनमें फाइबर प्रबलित प्लास्टिक (एफआरपी) शौचालय मॉड्यूल, जैव टैंक, पानी की टंकियां और अन्य उपयोग योग्य सामग्री शामिल हैं। इन सामानों की पहले जांच की गई, फिर सफाई, मरम्मत और आवश्यक सुधार के बाद उन्हें नए रूप में इस्तेमाल किया गया।

उन्होंने कहा कि ‘पुन: उपयोग, नवीनीकरण और पुनर्निर्माण’ की इस पहल से उपलब्ध रेलवे संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हुआ है। इससे नए सामान की खरीद पर निर्भरता कम हुई और कम लागत में यात्रियों के लिए उपयोगी सुविधा तैयार की जा सकी। यह पहल ‘कचरे से उपयोगी संसाधन’ की अवधारणा को भी बढ़ावा देती है।

मॉड्यूलर जैव शौचालय तैयार करने और स्थापित करने का पूरा काम सीएमएलआर वर्कशॉप के कर्मचारियों ने किया। इसमें एफआरपी शौचालय मॉड्यूल, जैव टैंक और पानी की टंकियों की जांच, मरम्मत एवं सुधार, सहारा ढांचा तैयार करना, शौचालय इकाई को जोड़ना तथा पानी, स्वच्छता, पाइपलाइन और जल निकासी की व्यवस्था करना शामिल रहा।

चारों स्टेशन आसपास के ग्रामीण और स्थानीय क्षेत्रों के यात्रियों को सेवा प्रदान करते हैं। ऐसे स्टेशनों पर स्वच्छ शौचालय की सुविधा यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए महत्वपूर्ण है। इन शौचालयों से यात्रियों को स्टेशन परिसर में ही स्वच्छ और सुविधाजनक शौचालय की सुविधा मिल सकेगी।

अमित मालवीय ने कहा कि यह पहल उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ पर्यावरण संरक्षण और लागत में कमी की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। वर्कशॉप के तकनीकी कर्मचारियों ने अपने कौशल और उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर यात्रियों की आवश्यकता के अनुरूप व्यावहारिक सुविधा तैयार की है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल रेलवे में नवाचार, संसाधन संरक्षण और यात्री सुविधाओं में सुधार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।