प्रयागराज में 2018 के हत्या केस का फैसला, दो दोषियों को उम्रकैद; 50-50 हजार का जुर्माना
बारा थाना क्षेत्र के हत्या मामले में अदालत ने अजय पाण्डेय और मनीष शुक्ला को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई, साथ ही आयुध अधिनियम के तहत अतिरिक्त सजा भी दी।
प्रयागराज, 28 सितंबर । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में स्थित बारा थाने की पुलिस टीम के प्रभावी पैरवी की वजह से सोमवार को हत्या मामले के दाे आरोपितों को अपर सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या-02, ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। यह जानकारी पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने दी।
डीसीपी ने बताया कि प्रयागराज के बारा थाने में 30 अप्रैल 2018 को बारा थाने में चित्रकूट जिले के बड़गड़ थाना क्षेत्र के गाहुर पंडित का पुरवा, निकट कटैया डांडी निवासी अजय पाण्डेय और इसी थाना क्षेत्र के रैपुरा गांव निवासी मनीष शुक्ला के खिलाफ हत्या और आयुध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने 10 अप्रैल को पुलिस टीम ने न्यायालय को आरोप पत्र भेज दिया। ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी के चलते बारा थाना क्षेत्र के वर्ष 2018 के हत्या के मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या-02, प्रयागराज की अदालत ने अभियुक्त अजय पाण्डेय और मनीष शुक्ला को धारा 302/34 भारतीय दंड संहिता के तहत सश्रम आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।अभियोजन के अनुसार, 30 अप्रैल 2018 को बारा थाने में दाेनाें के खिलाफ हत्या और आयुध अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना पूरी करने के बाद पुलिस ने 10 अगस्त 2018 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।मामले में अभियोजन विभाग से समन्वय कर पुलिस ने साक्ष्यों और गवाहों को समयबद्ध तरीके से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराया। प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप 28 सितंबर 2026 को न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार दिया।
अदालत ने मनीष शुक्ला को आयुध अधिनियम की धारा 30 के तहत तीन माह के कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की अतिरिक्त सजा सुनाई। वहीं, अजय पाण्डेय को आयुध अधिनियम की धारा 3/25/27 के तहत चार वर्ष के कारावास और आठ हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। पुलिस के अनुसार, घटना के समय वादी का चचेरा भाई सर्वेश ग्राम डाडो में एक शादी समारोह में गया था। आरोप है कि अजय पाण्डेय ने उससे किसी काम के लिए कहा, लेकिन मना करने पर मनीष शुक्ला की लाइसेंसी बंदूक से सर्वेश को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई।