वाराणसी में रौद्र रूप धरी गंगा की नमामि गंगे ने किया दुग्धाभिषेक

—जलस्तर कम होने के लिए मां गंगा से प्रार्थना,महादेव से गुहार

वाराणसी में रौद्र रूप धरी गंगा की नमामि गंगे ने किया दुग्धाभिषेक

वाराणसी, 22 अगस्त । उत्तर प्रदेश के वाराणसी सहित पूर्वांचल के जिलों में गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति से तटवर्ती इलाकों में बढ़ती दुश्वारियों के बीच शनिवार को नमामि गंगे के स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं ने मां गंगा का दुग्धाभिषेक कर आरती उतारी। सिंधिया घाट पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां गंगा से शांत होने और जलस्तर कम होने की प्रार्थना की।

गंगा सेवक राजेश शुक्ला के नेतृत्व में महर्षि वेद विज्ञान विश्व विद्यापीठम के वेदपाठी बटुकों ने गंगाष्टकम और द्वादश ज्योतिर्लिंग का पाठ किया। इस दौरान मां गंगा और देवाधिदेव महादेव से बाढ़ का संकट टालने तथा तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों की सुरक्षा की कामना की गई।

गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने बताया कि गंगा का बाढ़ का पानी सड़कों, खेतों और गांवों में फैलने से स्थिति लगातार नाजुक होती जा रही है। उन्होंने कहा कि मां गंगा से प्रार्थना है कि जलस्तर अब और न बढ़े, ताकि बाढ़ का संकट टले और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित रहें। जनजीवन सामान्य बना रहे और किसी प्रकार की जन-धन की हानि न हो, इसके लिए भी मां गंगा से आशीर्वाद मांगा गया। कार्यक्रम के दौरान स्वयंसेवकों और बटुकों ने श्रद्धापूर्वक गंगा आरती की और प्रकृति के संरक्षक देवाधिदेव महादेव से भी बाढ़ की स्थिति शांत करने की प्रार्थना की। इस अवसर पर रिया श्रीवास्तव, सारिका श्रीवास्तव, आशुतोष मिश्रा, प्रियांशु शुक्ला सहित अन्य लोग मौजूद रहे।adav-jayant-chaudhary-remark-jat-community-rld-rohit-agrawal-reaction