यूपी में 24 से 26 सितंबर तक बढ़ सकती है बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी यूपी में 24 सितंबर और पूर्वी-पश्चिमी दोनों हिस्सों में 25-26 सितंबर को बारिश के आसार; कहीं-कहीं भारी वर्षा और 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना।
प्रयागराज, 20 सितंबर । उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई की प्रक्रिया के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने के आसार हैं। आगामी 24 से 26 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी वर्षा के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी संभावना है। यह पूर्वानुमान क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ ने रविवार को जारी किया है।
मौसम विभाग के मुताबिक 24 से 26 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी वर्षा के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है। 24 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में और 25-26 सितंबर को पश्चिमी व पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि मानसून की विदाई से पहले वातावरण में नमी और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश का दौर दोबारा सक्रिय हो सकता है। 24 सितंबर के बाद बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि 25 और 26 सितंबर को कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज हवा और भारी वर्षा हो सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम में होने वाले अचानक बदलाव को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 20 से 23 सितंबर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। प्रयागराज में भी 20 सितंबर को एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछार की संभावना है, जबकि 21 से 23 सितंबर तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है।
24 से 26 तक बढ़ेगी बारिश की गतिविधि
24 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं मेघगर्जन और वज्रपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चल सकती है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना है। 25 और 26 सितंबर को पश्चिमी तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी ऐसी ही स्थिति बनने का पूर्वानुमान है।
डॉ. पांडेय ने लोगों से गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में न रहने और सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है। किसानों को भी बारिश की संभावना को देखते हुए खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने और स्थानीय मौसम की स्थिति के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है। हालिया मौसम विश्लेषण में भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 सितंबर के आसपास बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बताई गई है।