प्रयागराज में रेलवे सिग्नल से छेड़छाड़ की जांच करेगी सिविल पुलिस, हरी बत्ती को पॉलीथीन से ढकने का आरोप
जसरा-मदरहा के बीच ट्रेन संचालन प्रभावित करने के मामले में थाना बारा में रेलवे अधिनियम की धारा 150 के तहत मुकदमा दर्ज; पहले गिरफ्तार तीन आरोपी बांदा जेल में निरुद्ध।
प्रयागराज, 20 सितंबर । जसरा-मदरहा के बीच रेलवे सिग्नल से छेड़छाड़ कर ट्रेन संचालन को प्रभावित करने के मामले में अब सिविल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) से केस थाना बारा पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया है। थाना बारा में रेलवे अधिनियम की धारा 150 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस धारा में दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास अथवा कम से कम 10 वर्ष के कठोर कारावास का प्रावधान है।
रेलवे के मुताबिक 24 अगस्त 2026 की रात जसरा-मदरहा के बीच प्रयागराज-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेन संख्या 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस के संचालन को प्रभावित करने का प्रयास किया गया था। आरोप है कि सिग्नल की हरी बत्ती को काले पॉलीथीन से ढक दिया गया था। आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की सतर्कता से समय रहते मामला सामने आ गया और संभावित रेल हादसा टल गया।
इस मामले में आरपीएफ ने पहले मुकदमा अपराध संख्या 451/2026 के तहत रेलवे अधिनियम की धाराओं 153, 174सी और 147 में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपितों में संगीत नाथ , निवासी जज्जी पुरवा, थाना बारा; राजन निवासी काशीराम कॉलोनी, रायबरेली और माहिल निवासी जज्जी पुरवा, थाना बारा शामिल हैं। तीनों वर्तमान में बांदा जेल में निरुद्ध हैं।
रेलवे प्रशासन के अनुसार, यात्रियों की सुरक्षा और मामले में किसी बड़ी साजिश अथवा रेल दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रकरण की विवेचना सिविल पुलिस को सौंपी गई है। अब थाना बारा पुलिस धारा 150 के तहत पूरे मामले की जांच करेगी।
रेलवे अधिनियम की धारा 150 ऐसे कृत्यों से संबंधित है, जिनसे ट्रेन के पलटने, यात्रियों की जान खतरे में पड़ने या रेल दुर्घटना होने की आशंका हो। कानून में ऐसे अपराध के लिए कठोर दंड का प्रावधान है। यदि इस प्रकार के कृत्य से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो कानून में मृत्युदंड का भी प्रावधान है।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि रेल सिग्नल, पटरियों और अन्य सुरक्षा व्यवस्था से छेड़छाड़ को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।