यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए 7526 केंद्र प्रस्तावित, 28 अक्टूबर तक दर्ज करा सकेंगे आपत्ति
सचिव भगवती सिंह बोले—पारदर्शी प्रक्रिया से होगा केंद्रों का निर्धारण, आपत्तियों के निस्तारण के बाद जारी होगी अंतिम सूची
प्रयागराज, 26 अक्टूबर द्यालयों की आधारभूत सूचनाओं के सत्यापन और अद्यतन के बाद ऑनलाइन माध्यम से किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। संबंधित पक्षों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी दिया गया है, ताकि उनकी शिकायतों का परीक्षण कर नियमानुसार निस्तारण किया जा सके।
28 अक्टूबर तक ऑनलाइन दर्ज करें आपत्ति
परिषद की वेबसाइट upmsp.edu.in पर प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची के साथ विद्यालयों को आवंटित विद्यार्थियों का विवरण भी उपलब्ध कराया गया है। किसी केंद्र के संबंध में आपत्ति होने पर संबंधित विद्यार्थी, अभिभावक, प्रधानाचार्य या प्रबंधक उचित कारण और साक्ष्य के साथ 28 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन प्रत्यावेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा।
प्राप्त आपत्तियों का जिला विद्यालय निरीक्षक परीक्षण कर उनका समयबद्ध निस्तारण करेंगे। इसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जनपदीय केंद्र निर्धारण समिति अनुमोदित या संस्तुत सूची और अपनी आख्या छह नवंबर 2026 तक परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन भेजेगी।
राजकीय विद्यालयों के 862 केंद्र प्रस्तावित
प्रदेश में प्रस्तावित 7526 परीक्षा केंद्रों में 862 राजकीय विद्यालय, 3276 अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय और 3388 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। विद्यालयों की श्रेणी के अनुसार ऑनलाइन प्रक्रिया से केंद्रों का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
जिलावार सूची में प्रयागराज में सबसे अधिक 269 केंद्र प्रस्तावित हैं। आजमगढ़ में 232, गोरखपुर में 175, प्रतापगढ़ में 164, आगरा में 161, देवरिया में 160, सीतापुर में 150, बलिया में 149, हरदोई में 148 और लखीमपुर खीरी में 143 केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। लखनऊ और कानपुर नगर में 127-127, वाराणसी में 117 तथा अयोध्या में 114 केंद्र प्रस्तावित हैं।
आपत्तियों के परीक्षण के बाद तय होंगे केंद्र
सचिव भगवती सिंह ने बताया कि शासनादेशों के अनुसार तहसील स्तरीय समितियों से प्रमाणित और अद्यतन कराई गई विद्यालयों की सूचनाओं के आधार पर केंद्रों का ऑनलाइन चयन किया गया है। अब जनपदीय केंद्र निर्धारण समितियां प्राप्त आपत्तियों का परीक्षण कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई करेंगी।
उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए व्यवस्थित परीक्षा प्रबंधन सुनिश्चित करना और केंद्र निर्धारण से संबंधित शिकायतों के निस्तारण के लिए पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना है। निर्धारित समयसीमा में आपत्तियों का परीक्षण पूरा कर केंद्रों की अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।