रेलवे की चेन पुलिंग करने वालों पर बड़ी कार्रवाई, 9 महीने में 2,833 लोग गिरफ्तार; कानपुर सेंट्रल सबसे आगे
प्रयागराज मंडल में जनवरी से सितंबर तक अभियान, यात्रियों से आपात स्थिति में ही अलार्म चेन का उपयोग करने की अपील
प्रयागराज, 04 अक्टूबर। ट्रेनों के सुरक्षित और समयबद्ध संचालन में बाधा डालने वाली अनावश्यक अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) के खिलाफ प्रयागराज मंडल ने सख्त रुख अपनाया है। मंडल में जनवरी से सितंबर 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान बिना उचित कारण अलार्म चेन खींचने के आरोप में 2833 लोगों को गिरफ्तार कर रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
रेलवे के मुताबिक जनवरी में 274, फरवरी में 244, मार्च में 341, अप्रैल में 318, मई में 386, जून में 397, जुलाई में 289, अगस्त में 279 और सितंबर में 305 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। सबसे अधिक 397 मामले जून में सामने आए।
आरपीएफ पोस्ट के स्तर पर सबसे अधिक कार्रवाई कानपुर सेंट्रल में हुई, जहां 437 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद टूंडला में 275, अलीगढ़ में 213, इटावा में 212, प्रयागराज जंक्शन में 207, फतेहपुर में 189, नैनी में 180 और फफूंद में 170 लोगों पर कार्रवाई की गई। मिर्जापुर में 146, प्रयागराज छिवकी में 100, मानिकपुर में 99 और सूबेदारगंज में 96 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई।
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि अलार्म चेन यात्रियों की सुरक्षा के लिए वास्तविक आपात स्थिति में उपयोग करने की सुविधा है। इसका अनावश्यक इस्तेमाल ट्रेन के संचालन और समय पालन को प्रभावित करता है। रेलवे ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रख रहा है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने यात्रियों से अपील की कि वे अलार्म चेन का उपयोग केवल वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में ही करें। यात्रियों के सहयोग से ट्रेनों का सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। रेल प्रशासन यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है।