यूपी को चार क्रिकेट टीमें देने की मांग, पूर्व मंत्री एवं रणजी क्रिकेटर मोहसिन रजा ने बीसीसीआई के सामने उठाया मुद्दा

यूपी को चार क्रिकेट टीमें देने की मांग, पूर्व मंत्री एवं रणजी क्रिकेटर मोहसिन रजा ने बीसीसीआई के सामने उठाया मुद्दा

यूपी को चार क्रिकेट टीमें देने की मांग, पूर्व मंत्री एवं रणजी क्रिकेटर मोहसिन रजा ने बीसीसीआई के सामने उठाया मुद्दा

लखनऊ, 25 अगस्त । उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यमंत्री एवं पूर्व रणजी क्रिकेटर मोहसिन रजा ने उत्तर प्रदेश की विशाल आबादी और यहां मौजूद क्रिकेट प्रतिभाओं को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सामने एक बार फिर प्रदेश को कम से कम चार क्रिकेट टीमों का प्रतिनिधित्व देने की मांग रखी है। उन्होंने मंगलवार को जारी अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन सीमित अवसरों के कारण बड़ी संख्या में खिलाड़ी उच्च स्तर तक पहुंचने से वंचित रह जाते हैं।

मोहसिन रजा ने कहा कि करीब 25 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में क्रिकेट खेलने वाले प्रतिभाशाली युवाओं की संख्या भी बहुत बड़ी है। यदि इस प्रदेश को एक अलग देश माना जाए तो आबादी के लिहाज से यह दुनिया के सबसे बड़े देशों में शामिल होगा। ऐसे में इतने बड़े प्रदेश के लिए केवल एक प्रमुख टीम का होना प्रतिभाओं के साथ न्याय नहीं करता।

उन्होंने मांग की कि रणजी ट्रॉफी के साथ-साथ अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 जैसे आयु वर्गों में भी उत्तर प्रदेश की कम से कम चार टीमें बनाई जानी चाहिए। इससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे।

पूर्व रणजी क्रिकेटर ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण और छोटे शहरों में बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इनमें प्रतिभा और क्षमता होने के बावजूद सीमित अवसरों के कारण वे राज्य, आईपीएल और भारतीय टीम के उच्च स्तर तक नहीं पहुंच पाते। टीमों की संख्या बढ़ने से ऐसे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का मंच मिलेगा।

मोहसिन रजा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अधिक टीमों का गठन होने से प्रतिभाओं का दूसरे राज्यों या संस्थानों की ओर पलायन भी रोका जा सकेगा। प्रदेश के खिलाड़ी अपने ही राज्य से आगे बढ़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकेंगे।

उन्होंने बीसीसीआई से अपील की कि उत्तर प्रदेश की विशाल भौगोलिक स्थिति, बड़ी आबादी और यहां उपलब्ध प्रतिभाओं को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के क्रिकेट ढांचे में विस्तार का निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को अधिक टीमों का प्रतिनिधित्व मिलने से न केवल क्रिकेट प्रतिभाओं को अवसर मिलेगा, बल्कि हजारों युवा खिलाड़ियों के भविष्य को नई दिशा भी मिलेगी।