महाभारत कालीन पांडेश्वरनाथ मंदिर में श्री रामकथा का समापन,प्रसाद में बांटे तुलसी के पौधे
महाभारत कालीन पांडेश्वरनाथ मंदिर में श्री रामकथा का समापन,प्रसाद में बांटे तुलसी के पौधे
फर्रुखाबाद, 25 अगस्त । उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जनपद में महाभारत कालीन पांडेश्वरनाथ मंदिर में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा का मंगलवार को विधि-विधान के साथ समापन हुआ। कथा समापन के अवसर पर प्रसाद में तुलसी के पौधे बांटे गए। अंतिम दिन मुख्य यजमान बका सिंह राठौर एवं किरण राठौर रहे।
कथा व्यास आचार्य मदन मुरारी मिश्रा ने भगवान श्रीराम के वनवास से अयोध्या लौटने के दिव्य प्रसंग का वर्णन किया। भगवान श्री राम 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर जब भगवान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे तो पूरी अयोध्या नगरी दीपों से जगमगा उठी। भरत ने नंदीग्राम में भगवान की चरण पादुकाओं की पूजा कर राज्य का भार संभाला था। भगवान के आगमन पर भरत मिलाप के करुणामय दृश्य ने सभी को भावुक कर दिया। गुरु वशिष्ठ मुनि ने सर्वप्रथम भगवान श्रीराम का राजतिलक किया। देवताओं ने पुष्पवर्षा की, अयोध्या वासियों ने जय श्रीराम के जयघोष से आकाश गुंजा दिया। भगवान राम के राजा बनते ही रामराज्य की स्थापना हुई, जहां सभी सुखी और निरोगी थे।
इसके पश्चात भगवान श्रीराम का राजाभिषेक, पूजन, महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ कथा को विराम दिया गया।
इस अवसर पर श्रद्धा रानी संस्थान द्वारा संस्था के अध्यक्ष संजय गर्ग श्याम जी गर्ग एवं अतिथि सभासद मीरा सिंह, ममता सक्सेना, श्वेता दुबे, अनु शुक्ला, सुदेश दुबे ने कथा व्यास आचार्य मदन मुरारी मिश्रा को स्मृति चिन्ह एवं तुलसी का पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
अध्यक्ष संजय गर्ग ने प्रतिभा मिश्रा को तुलसी का पौधा भेंट का सम्मानित किया साथ ही सभी श्रद्धालु भक्तों को भी पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ तुलसी के पौधे भेंट किए गए।
इस मौके पर सह आचार्य अखिल पांडे, भगवान स्वरूप दीक्षित सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे।