अगले छह माह में यूपी के एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपेंगे: याेगी आदित्यनाथ
-मुख्यमंत्री ने साढ़े तीन हजार युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र, साल 2017 से पहले की सरकारों पर उठाए सवाल
लखनऊ, 25 अगस्त। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तीन हजार 572 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस मौके पर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि पिछले साढ़े नौ सालों में उनकी सरकार प्रदेश के नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। अगले छह माह में प्रदेश के एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
योगी ने कहा कि हमें इस बात को ध्यान में रखना होगा कि जब हम योग्यतम अभ्यर्थियों का चयन बिना भेदभाव के करते हैं, तो उसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलता है। उनकी प्रतिभा और उनकी ऊर्जा का लाभ पूरा प्रदेश लेता हुआ दिखाई देता है और यही पिछले 9-9.5 वर्ष के अंदर डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी की सरकार की उपलब्धियों में से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने नौ लाख 30 हजार से अधिक उत्तर प्रदेश के युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध करवाने में सफलता प्राप्त की है और एक भी नियुक्ति पर कोई प्रश्न नहीं खड़ा कर सकता। हमने पहले दिन से तय कर रखा है कि जो 2017 के पहले की परिपाटी थी, वह अब नहीं चलेगी। नियुक्ति का विज्ञापन निकलता था, चाचा-भतीजे की जोड़ी और महाभारत का पूरा खानदान फिर वसूली के लिए प्रदेश भर में निकल पड़ता था। नौजवान भटकता रहता था, परिणाम नहीं आता था और अंततः न्यायालय को कोर्ट में स्टे लगाना पड़ता था। हमारे युवाओं का समय बर्बाद होता था। लोग मानते थे कि ये युवा किसी लायक नहीं क्योंकि ये नौकरी नहीं प्राप्त कर रहे। गलती युवा की नहीं होती थी, गलती उन आयोगों और बोर्डों में बैठे हुए और उस समय की सरकारों के भ्रष्ट तंत्र की थी। हमने पहले दिन कहा था कि अगर ये सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य कर रही है तो हम नकल माफिया की भी और विभिन्न संस्थानों में बैठे हुए माफिया की कमर को भी तोड़ेंगे और उसके आकाओं को भी जमीन-आसमान दिखाने का काम करेंगे।
आपने देखा होगा इस दौरान हम लोगों ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। माफिया की संपत्ति को जब्त करवाया, उससे वसूली करवाई और नियुक्ति प्रक्रिया को और पारदर्शी तरीके से संपन्न करते हुए नौ लाख 30 हजार से अधिक नौजवानों को हमने सरकारी नौकरी देने में सफलता प्राप्त की। आज जब यहाँ साढ़े तीन हजार कृषि तकनीकी सहायक और मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र वितरण के इस कार्यक्रम के साथ जोड़ रहा हूँ, मैं प्रदेश भर के युवाओं को इस बात के लिए आश्वस्त कर रहा हूँ कि अगले छह महीने के अंदर एक लाख नौजवानों को सरकारी नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं।
हमें बुरा लगता है जब कोई युवा कहता है कि हमने परीक्षा दी है, परिणाम अभी तक नहीं आ पाया। हम आयोग और बोर्डों की बैठक लेते हैं और उनसे कहते हैं कि आपको इतनी स्वतंत्रता दे रखी है, परिणाम भी समय पर लाइए। पहले होता क्या था? आप भी इसी प्रदेश में पढ़े होंगे। यूपी बोर्ड की परीक्षा होती थी। उसमें तीन महीने लगते थे। परिणाम आने में तीन महीने लगते थे। इस प्रकार छह महीने तो साल में ऐसे ही बर्बाद होते थे। उसके अगले तीन महीने प्रवेश की प्रक्रिया अलग है। पर्व और त्योहार अलग हैं। तीन महीने भी बच्चों को पढ़ाई के लिए नहीं मिल पाते थे। तब सरकार नौजवानों को किसी लायक नहीं छोड़ती थी। सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए उन्होंने प्रदेश के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था। तात्कालिक रूप से नौजवान को लगता था कि हितैषी हैं, हितैषी नहीं थे। वे युवाओं के दुश्मन थे।
मैंने 2017 में जब पहली बैठक किया था। उनसे मैंने कहा कि इसको एक महीना करो। उन्होंने कहा नहीं हो पाएगा। तो मैंने कहा कुर्सी छोड़ो, मैं एक महीने के अंदर कराऊँगा। एक महीने के अंदर कराऊँगा और आज मुझे आपको बताते हुए प्रसन्नता है, मैं 14 दिन में यूपी बोर्ड की परीक्षा कराता हूँ और अगले 14 दिन में उसका परिणाम भी दिलाता हूँ। 56 लाख अभ्यर्थी उस परीक्षा में होते हैं, 56 लाख बच्चे बैठते हैं। मैंने उच्च शिक्षा वालों से भी कहा है कि परीक्षा की प्रणाली को और सीमित करो। परीक्षा बच्चों को प्रताड़ित करने का माध्यम नहीं होना चाहिए। उसका आकलन करने का माध्यम होना चाहिए। उसको सहज बनाओ, सरल बनाओ, उसको आत्मविश्वास से भरपूर करो।
योगी ने कहा याद करिए यही उत्तर प्रदेश 2017 के पहले बीमारू राज्य कहा जाता था, बीमारू राज्य था। युवा पलायन कर रहा था, किसान आत्महत्या कर रहा था। बेटी के सामने सुरक्षा का संकट था। व्यापारी माफिया से तबाह था। किसान अपने खेत में जाने से डरता था। खेत में अगर उसने मोटर लगा रखी है तो कब चोरी हो गई, उसको पता ही नहीं होता था। ये यूपी के अंदर होता था और आज मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि हमने जो नौ लाख 30 हजार यूपी के नौजवानों को यूपी के अंदर नौकरी दी है परिणाम क्या है? उससे यूपी को लाभ हुआ है।
ये युवा यूपी को बीमारू राज्य से उभार करके अब भारत की तीसरी अर्थव्यवस्था के रूप में उत्तर प्रदेश को स्थापित करने में सफल हुआ है। आज यूपी के अन्नदाता किसान के खेत से कोई मोटर चोरी करके नहीं लेकर जाता है। उसको मालूम है कोई चोरी करेगा तो अगले दिन लंगड़ा जरूर हो जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सप्ताह दिन में, एक सप्ताह रात्रि में बिजली आती थी। वह भी तीन घंटे की बिजली। इसमें क्या विकास कोई करेगा। लगभग 10 घंटे की बिजली हम यूपी के किसानों को देते हैं और बिजली भी फ्री में देते हैं। यानी सरकारी ट्यूबवेल में तो बिजली फ्री ही है। इस मौके पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, राज्य मंत्री सरदार बलदेव सिंह ओलख, प्रमुख सचिव रविंद्र कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।----