जब पुलिस का परिवार सुरक्षित नहीं है, तो आमजन की सुरक्षा का क्या हाेगा : मायावती

जब पुलिस का परिवार सुरक्षित नहीं है, तो आमजन की सुरक्षा का क्या हाेगा : मायावती

जब पुलिस का परिवार सुरक्षित नहीं है, तो आमजन की सुरक्षा का क्या हाेगा : मायावती

लखनऊ, 17 अगस्त। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर जिले में आईपीएस आशुतोष मिश्रा की बुजुर्ग मां की मौत पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है। इस घटना काे लेकर उन्होंने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जब पुलिस का परिवार सुरक्षित नहीं है तो आमजन की सुरक्षा का क्या होगा।

मायावती ने साेमवार काे एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि, आईपीएस आशुतोष मिश्रा की लगभग 91 साल की बुजुर्ग माता की हुई हत्या अति दुखद है। प्रदेश की कानून व्यवस्था के हिसाब से अति-चिंतनीय है। ऐसी घटना को लेकर लोगों को यह आशंका वाजिब है कि जब हत्या जैसी जघन्य घटना पुलिस अधिकारी के परिवार के साथ हो सकती है तो आमजन की सुरक्षा का क्या होगा । सरकार इस घटना का उचित संज्ञान ले और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करें जो अत्यंत जरूरी है।

उल्लेखनीय है कि रविवार को आईपीएस आशुतोष मिश्रा की माता की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उनका शव कमरे में मिला था। बेटे आईपीएस ने मां के जेवर गायब होने पर हत्या का आरोप लगाया था। इसी बीच देर रात को पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने एक बयान जारी करते हुए बताया कि घटना का संज्ञान लेते हुए फॉरेंसिक यूनिट और अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचायतनामा की कार्रवाई की गई, जिससे शरीर पर कोई भी जहीरा चोट के निशान या फाइट मार्क्स नहीं दिखे। तीन डॉक्टर का पैनल बनवाकर वीडियो ग्राफी के साथ पोस्टमार्टम की कार्रवाई हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कॉज ऑफ़ डेथ में विसरा प्रिजर्व होना आया है। हार्ट को हिस्टोपैथोलॉजिकल एनालिसिस के लिए भेजा जाएगा, जिससे कार्डियक अटैक की स्थिति पर स्पष्टता आ सके। सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही प्रचलित है।