यूपी में भारी बारिश का असर जारी, 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; 1,021 मकान क्षतिग्रस्त, राहत-बचाव तेज

बरेली, बिजनौर, मुरादाबाद और रामपुर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के बीच प्रशासन को प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और अनुमन्य सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। IMD ने 27 सितंबर को पूर्वी यूपी में भारी और पश्चिमी यूपी में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है।

यूपी में भारी बारिश का असर जारी, 4 जिलों में ऑरेंज अलर्ट; 1,021 मकान क्षतिग्रस्त, राहत-बचाव तेज

लखनऊ, 27 सितंबर। उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से जारी भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में अतिवृष्टि, जलभराव और तेज हवाओं से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं मौसम विभाग ने रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सचेत ऐप के अनुसार अगले 24 घंटे में बरेली, बिजनौर, मुरादाबाद और रामपुर के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस बीच योगी सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। अधिकारियों को फील्ड में रहकर स्थिति की निगरानी तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और अपर जिलाधिकारियों से राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित परिवारों से सीधे संवाद करने, क्षति का आकलन जल्द पूरा कराने और राहत सामग्री व अनुमन्य सहायता राशि का प्राथमिकता के आधार पर वितरण सुनिश्चित करने को कहा।

तीन दिन में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बारिश

राहत आयुक्त के अनुसार 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक प्रदेश में 66.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 7.6 मिलीमीटर है। इस लिहाज से प्रदेश में सामान्य से 775 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। 75 में से 56 जिलों में अत्यधिक बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा असामान्य बारिश फर्रुखाबाद में सामान्य से 7,385 प्रतिशत, कन्नौज में 5,664 प्रतिशत, शाहजहांपुर में 4,408 प्रतिशत, हमीरपुर में 4,240 प्रतिशत और महोबा में 4,100 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई।

लखनऊ मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटों में प्रदेश में कई स्थानों पर भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहा। लखनऊ समेत मध्य, पश्चिमी और तराई क्षेत्र के कई हिस्सों में बारिश से जलभराव की स्थिति बनी। विभाग के मुताबिक 28 सितंबर से फिलहाल किसी बड़े वर्षा अलर्ट की संभावना नहीं है।

बरेली-मुरादाबाद मंडल में बारिश का खतरा

रविवार को बरेली, बिजनौर, मुरादाबाद और रामपुर में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इनके अलावा पीलीभीत समेत पश्चिमी और तराई क्षेत्र के कई जिलों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश हो सकती है।

वहीं पिछले 48 घंटों में लखनऊ, कानपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, शाहजहांपुर, सीतापुर, बहराइच, बाराबंकी, गोंडा, हमीरपुर, महोबा समेत प्रदेश के अनेक हिस्सों में बारिश ने असर दिखाया है। लखनऊ में अमौसी वेधशाला पर 24 घंटे में 135.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि हनुमान सेतु वेधशाला में 201.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई।

बारिश से तापमान में बड़ी गिरावट

लगातार बारिश के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 02 से 09 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे मौसम सामान्य से काफी ठंडा हो गया है। आगरा में अधिकतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 9.2 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा। लखनऊ में भी बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी में लगातार बारिश और बादलों के कारण दिन में भी मौसम सुहावना और ठंडा बना हुआ है। प्रदेश के कई अन्य शहरों में भी अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।

1021 मकान क्षतिग्रस्त, फसल नुकसान का आकलन

अतिवृष्टि और तेज हवाओं से प्रदेश में 1,021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इनमें हरदोई में 272, सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 और बहराइच में 44 मकान शामिल हैं।

प्रशासन को फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। क्षतिग्रस्त मकानों के मामलों में पात्र परिवारों को अनुमन्य सहायता देने के साथ जरूरत के मुताबिक वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने और आवास योजनाओं से जोड़ने को कहा गया है।

नदियों पर भी प्रशासन की नजर

भारी बारिश के बीच प्रदेश की प्रमुख नदियों गंगा, यमुना, घाघरा के साथ चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के जलस्तर पर प्रशासन और बाढ़ नियंत्रण तंत्र नजर बनाए हुए है। पहले से बाढ़ प्रभावित रहे गंगा-यमुना समेत विभिन्न नदियों वाले जिलों में निचले इलाकों और तटवर्ती क्षेत्रों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रयागराज में गंगा-यमुना के जलस्तर में हाल के दिनों में उतार-चढ़ाव दर्ज कया गया है। प्रशासन को जलभराव और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने तथा राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। नदियों और नालों के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में लोगों से अनावश्यक आवागमन नहीं करने की अपील की गई है।

फसल क्षति का तत्काल आकलनअधिकारियों को फसल क्षति का तत्काल सर्वेक्षण और आकलन कर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। क्षतिग्रस्त मकानों के मामलों में आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक आवास की व्यवस्था व पात्र परिवारों को आवास योजनाओं का लाभ दिलाने को भी कहा गया है।

फील्ड में उतरकर राहत कार्यों की निगरानी

राहत आयुक्त ने जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों और आपदा विशेषज्ञों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव अभियान की निगरानी करने को कहा है। जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए लोगों को राहत सामग्री और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

प्रशासन ने आमजन से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है। आपात स्थिति में राहत आयुक्त कार्यालय की हेल्पलाइन 1070 पर संपर्क किया जा सकता है।