प्रयागराज में अतीक अहमद के करीबियों पर पुलिस का शिकंजा, जमीन के तीन बैनामों में 5 पर FIR; साढ़ू इमरान समेत 4 पर गैंगस्टर एक्ट

प्रयागराज के रसूलपुर मरियाडीह में 1.1640 हेक्टेयर जमीन के तीन बैनामों के आरोप में पांच लोगों पर FIR दर्ज। अतीक के साढ़ू इमरान समेत चार पर गैंगस्टर एक्ट

प्रयागराज में अतीक अहमद के करीबियों पर पुलिस का शिकंजा, जमीन के तीन बैनामों में 5 पर FIR; साढ़ू इमरान समेत 4 पर गैंगस्टर एक्ट

प्रयागराज के पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र स्थित रसूलपुर मरियाडीह गांव में माफिया अतीक अहमद के करीबियों द्वारा एक बड़े जमीन घोटाले को अंजाम देने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने 1.1640 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को तीन अलग-अलग लोगों को बेचकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में पुलिस ने कठोर कार्रवाई करते हुए पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।

क्या है पूरा मामला?

मामला तहसील सदर के मौजा रसूलपुर मरियाडीह की 1.1640 हेक्टेयर जमीन से जुड़ा है। आरोप है कि माफिया अतीक अहमद के करीबी अबू तैयबा, अब्दुल माजिद, अबू लैश, अहमद शाद और शहबाज ने मिलीभगत कर इस जमीन के फर्जी कागजात तैयार किए। खतौनी में हेरफेर कर और खुद को जमीन का असली मालिक बताकर उन्होंने इसे तीन मासूम खरीदारों को बेच दिया।

पीड़ितों की आपबीती और जालसाजी का खुलासा

पुलिस आयुक्त के आदेश पर दर्ज एफआईआर में पीड़ितों ने धोखाधड़ी की परतें खोली हैं:

  1. विवेक सिन्हा (नेहरू नगर, मीरापुर): इन्होंने 20 सितंबर 2023 को जमीन का बैनामा कराया था। काफी समय तक खतौनी में नाम दर्ज न होने पर जब इन्होंने जांच कराई, तो पता चला कि जमीन के कागजात फर्जी हैं।
  2. ऋतु कपूर (प्रीतम नगर): इन्होंने भी 20 सितंबर 2023 को ही 20.09 लाख रुपये में उक्त जमीन का बैनामा कराया था। जब वे खतौनी में अपना नाम दर्ज करवाने पहुंचीं, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। पैसे वापस मांगने पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
  3. उमा देवी (कीडगंज): इन्होंने 10 मई 2024 को इसी जमीन का बैनामा कराया था। बाद में पता चला कि जिन लोगों ने जमीन बेची, उनके पास इस भूमि को बेचने का कोई कानूनी अधिकार ही नहीं था।

पीड़ितों ने यह भी खुलासा किया है कि इनमें से कुछ आरोपी पहले से ही आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं। अगस्त 2026 में ठेकेदार अंकित कक्कड़ द्वारा अबू तैयबा और अबू लैश के खिलाफ धूमनगंज थाने में पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज कराया गया था।

वर्तमान में, थाना प्रभारी शांतनु सिंह के नेतृत्व में पुलिस राजस्व अभिलेखों की गहन जांच कर रही है और आरोपियों के व्यापक आपराधिक इतिहास का ब्योरा जुटाया जा रहा है।


अतीक के साढ़ू मोहम्मद इमरान पर भी कसा शिकंजा: गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज

जमीन के इस घोटाले के समानांतर, माफिया अतीक अहमद के साढ़ू मोहम्मद इमरान और उसके परिवार के सदस्यों पर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। करेली पुलिस ने मोहम्मद इमरान को एक संगठित गिरोह का सरगना (गैंग लीडर) घोषित करते हुए उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है।

गैंग के सदस्य और कार्यप्रणाली: पुलिस के अनुसार, इस गिरोह में इमरान के साथ उसका भाई जीशान उर्फ जानू, मोहम्मद कामरान और मां जाहिदा बेगम शामिल हैं। ये लोग लंबे समय से सरकारी जमीनों, सीलिंग की जमीनों और विवादित भूखंडों के जाली दस्तावेज (कूटरचित दस्तावेज) तैयार कर उन्हें आम लोगों को बेच रहे थे।

क्यों कार्रवाई की गई? इमरान और उसके साथियों के खिलाफ करेली थाने में वर्ष 2025 और 2026 के दौरान सात गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ और संपत्ति को अवैध रूप से कब्जाने के मामले शामिल हैं। करेली थाना प्रभारी सच्चिदानंद सिंह ने स्पष्ट किया कि इन अपराधियों की बढ़ती सक्रियता और समाज में डर का माहौल पैदा करने के कारण इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है, ताकि इनके अवैध साम्राज्य को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।

प्रयागराज पुलिस की इन दोहरी कार्यवाहियों से माफिया के नेटवर्क से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।