कानपुर के स्कूल में रोबोटिक्स और STEM लैब शुरू, IIT के प्रोफेसर जे. रामकुमार ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

सेठ मोतीलाल खेड़िया सनातन धर्म इंटर कॉलेज में प्रयोगशाला का उद्घाटन, छात्रों को विज्ञान, तकनीक और अनुसंधान का मिलेगा व्यावहारिक अनुभव

कानपुर के स्कूल में रोबोटिक्स और STEM लैब शुरू, IIT के प्रोफेसर जे. रामकुमार ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

कानपुर, 10 अक्टूबर। विज्ञान और तकनीक ने जीवन के हर क्षेत्र में बदलाव लाया है। विज्ञान जहां प्राकृतिक नियमों और तथ्यों को समझने में मदद करता है, वहीं तकनीक उस ज्ञान का उपयोग कर जीवन को सरल बनाती है। विद्यार्थियों को किताबी पढ़ाई के साथ प्रयोग और अनुसंधान के अवसर देना जरूरी है। इससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता और नवाचार की क्षमता विकसित होगी। यह बातें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के प्रोफेसर जे. रामकुमार ने शनिवार को विष्णुपुरी स्थित सेठ मोतीलाल खेड़िया सनातन धर्म इंटर कॉलेज में रोबोटिक्स एवं एसटीईएम लैब के उद्घाटन के दौरान कही।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। मुख्य अतिथि ने रोबोटिक्स प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इसके बाद विद्यार्थियों की ओर से तैयार किए गए विभिन्न प्रोजेक्टों का अवलोकन किया और उनके काम करने की प्रक्रिया समझी। उन्होंने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में रुचि बढ़ाने और नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के अध्यक्ष सुभाष चंद्र खेड़िया ने कहा कि रोबोटिक्स और एसटीईएम लैब की स्थापना विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे छात्रों को आधुनिक तकनीक सीखने और अपनी रचनात्मक क्षमता का उपयोग करने का अवसर मिलेगा।

विद्यालय के प्रबंधक डॉ. कमल किशोर गुप्त ने कहा कि प्रयोगशाला विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ नवाचार के लिए प्रोत्साहित करेगी। यहां छात्र अपने विचारों को प्रोजेक्ट के रूप में विकसित कर सकेंगे और प्रयोग के जरिए नई चीजें सीख पाएंगे।

प्रयोगशाला की संचालिका अनीता त्रिपाठी ने बताया कि लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। रोबोटिक्स विभाग के प्रमुख शिवम सिंह चौहान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रयोगशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़ाकर प्रयोग, अनुसंधान और तकनीकी कौशल सीखने के लिए प्रेरित करना है।

विद्यालय की प्रधानाचार्य सुमन चंदोला सहित अन्य आचार्य कार्यक्रम में मौजूद रहे।------