इटावा में वकीलों का हल्ला बोल: न्यायिक कार्य ठप, सड़क जाम कर कालपी बार अध्यक्ष की हत्या पर जताया विरोध

प्रयागराज में अधिवक्ताओं के साथ व्यवहार और गयादीन अहिरवार की हत्या से नाराज वकीलों ने कलमबंद हड़ताल कर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

इटावा में वकीलों का हल्ला बोल: न्यायिक कार्य ठप, सड़क जाम कर कालपी बार अध्यक्ष की हत्या पर जताया विरोध

इटावा, 04 नवंबर । उत्तर प्रदेश के जनपद इटावा में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन एवं सिविल वार संगठन के तत्वाधान में अधिवक्ताओं ने प्रयागराज में अधिवक्ताओं के साथ आपत्तिजनक व्यवहार तथा जनपद जालौन के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की निर्मम हत्या से नाराज अधिवक्ता व्यथित हैं। बुधवार काे अधिवक्ता सम्मान में एवं पुलिस प्रशासन की तानाशाही का विरोध करते हुए डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन एवं सिविल बार एसोसिएशन तथा जनपद इटावा के अधिवक्ता विरोध प्रदर्शन करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहे।

बुधवार काे जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार त्रिपाठी एवं समस्त पदाधिकारी सिविल वार के अध्यक्ष संजय दुबे उर्फ पप्पन की अगुवाई में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर कचहरी परिसर में कलम बंद हड़ताल की और विरोध प्रदर्शन किया । सबसे पहले कलेक्ट्रेट परिसर से होते हुए सत्र न्यायालय की कार्यालय में जाकर कार्य बंद कर विरोध किया । कचहरी रोड पर बैठकर सड़क जाम की और विरोध करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और वहां सिटी मजिस्ट्रेट को अपना ज्ञापन सौंपा।

जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उच्च न्यायालय में अधिवक्ताओं को अपमानित किया गया इससे सभी अधिवक्ता आहत हैं, इसी प्रतिक्रिया स्वरूप विरोध किया है। जनपद न्यायालय, जिला प्रशासन को यह चेतावनी दी है कि यह गलती की पुनरावृत्ति हुई तो इटावा का अधिवक्ता ईंट से ईंट बजा देगा। दिल्ली पुलिस के एसीपी ने वकीलों को गोली मारने की धमकी दी थी उसकी बर्खास्तगी होनी चाहिए। जिला जालौन के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्रीगयादीन अहिरवार की निर्मम हत्या की गई उनके सभी अभियुक्त की गिरफ्तारी की जाए और सख्त से सख्त कार्रवाई हो। उनको फांसी हो, पीड़ित परिवार को एक करोड़ की आर्थिक सहायता भी दी जाए। अधिवक्ताओं के हित के लिए जिला बार का सहयोग हमेशा रहेगा। न्यायालयों को बताना चाहता है कि कोई अधिवक्ता कार्य नहीं करेगा। सड़क पर धरना प्रदर्शन करना पड़ा कि जिला प्रशासन अधिवक्ता के ख़िलाफ़ उनके अहित के लिए कोई कार्य नहीं होना चाहिए।

प्रदर्शन विरोध में प्रमुख वरिष्ठ अधिवक्ताओं में आदित्य नारायण पांडे, राजीव चंद्र त्रिपाठी, ब्रजेंद्र गुप्ता, कृपानंद बाजपेयी, जितेंद्र चतुर्वेदी, रविन्द्र सिंह यादव, आशाराम चौधरी, संतोष बाबू शुक्ला, अजीत दुबे, राजू दुबे, देवेंद्र पांडेय, राजीव त्रिपाठी, आदित्य मोहन शर्मा, अम्बरीष पांडे, प्रबल प्रताप सिंह, उमेश दूबे, महामंत्री अजय शुक्ला, अनिल कुमार चौधरी, ज्ञानेंद्र अवस्थी मुहम्मद नईम, नौशाद अहमद, साकेत शुक्ला, इंद्र प्रताप तोमर, श्याम सिंह यादव, सिद्धार्थ शंकर दीक्षित, नरेंद्र प्रताप मिश्रा, अविनाश शर्मा एवं डीबीए पदाधिकारियों में अधिवक्ता राजवीर सिंह चौहान, रीना यादव, अमित चौरसिया, अनूप शर्मा, प्रभाकर त्रिपाठी, योगेश कुमार यादव, प्रमोद कुमार तिवारी, मुनीष पाल सिंह, सुरेश चंद्र, सुभाष चंद्र, अभिषेक सिंह सेंगर, राना यादव, इंद्रपाल सिंह, सौरभ झा, मीडिया प्रभारी अमित तिवारी एवं समस्त अधिवक्ता मौजूद रहे।