विश्व पर्यावास दिवस पर गंगा टास्क फोर्स का अभियान, प्रयागराज समेत 4 शहरों में 1200 लोगों ने दिया नदी संरक्षण का संदेश
प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर और लखनऊ में जागरूकता अभियान; स्वच्छ पर्यावास, कचरा प्रबंधन और गंगा-गोमती संरक्षण को लेकर लोगों को किया जागरूक।
प्रयागराज, 05 अक्टूबर । विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर गंगा टास्क फोर्स के नाम से प्रसिद्ध 137 समग्र पारिस्थितिकी कार्यबल बटालियन (प्रादेशिक सेना), 39 गोरखा राइफल्स की ओर से प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर और लखनऊ में जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान में विद्यार्थियों, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों समेत करीब 1200 लोगों ने सहभागिता की। इस दौरान स्वच्छ एवं टिकाऊ पर्यावास, कचरे के उचित प्रबंधन और नदियों के संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
प्रयागराज में अभियान काली घाट, वाराणसी में आदमपुर स्थित शेएट पब्लिक स्कूल, कानपुर में सरसौल स्थित शिवनाथ शिवदास मौर्य इंटर कॉलेज तथा लखनऊ में कुड़िया घाट पर आयोजित किया गया। प्रतिभागियों को स्वच्छता, प्रदूषण की रोकथाम और कचरे के जिम्मेदारी से निस्तारण के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही गंगा और गोमती नदियों को स्वच्छ रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई गई।
अभियान के दौरान लोगों को बताया गया कि स्वच्छ नदियों और साफ-सुथरे पर्यावरण का सीधा संबंध नदी पर निर्भर समुदायों के स्वास्थ्य एवं कल्याण से है। सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने, प्रदूषण रोकने और कचरे का उचित प्रबंधन करने के लिए नियमित प्रयास करने की अपील की गई।
विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया। गैर-सरकारी संगठनों और स्थानीय नागरिकों की सहभागिता ने भी स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण के निर्माण में सामूहिक जिम्मेदारी को रेखांकित किया।
रक्षा मंत्रालय के जनसंपर्क अधिकारी एवं प्रवक्ता विंग कमांडर देबार्थो धर ने कहा कि विश्व पर्यावास दिवस पर आयोजित इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ पर्यावास, स्वस्थ नदियों और टिकाऊ पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है। दैनिक जीवन में छोटे-छोटे लेकिन नियमित प्रयासों से स्वच्छता और नदी संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गंगा टास्क फोर्स जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से नदियों तथा उनके आसपास के पर्यावास को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है।