सावन के दूसरे सोमवार की पूर्व संध्या पर काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
सावन के दूसरे सोमवार की पूर्व संध्या पर काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
वाराणसी, 09 अगस्त सावन मास के दूसरे सोमवार की पूर्व संध्या पर रविवार शाम से ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं और कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा। बाबा विश्वनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु देर शाम से ही मंदिर परिसर और बैरिकेडिंग में कतारबद्ध होने लगे। ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।
सोमवार भोर में मंगला आरती के बाद बाबा के जलाभिषेक और दर्शन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की है। रविवार को भी पूरे दिन श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना और दर्शन-पूजन कर लौटना जारी रहा। अलसुबह से ही बाबा का जलाभिषेक करने के लिए भक्त मंदिर पहुंचने लगे थे।
दशाश्वमेध घाट से श्री काशी विश्वनाथ धाम की ओर जाने वाले प्रवेश मार्गों पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखाई दीं। सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं को बैरिकेडिंग के जरिए चरणबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश दिया जा रहा था। अपनी बारी का इंतजार करते शिवभक्तों के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय नजर आया।
कांवड़ियों की सेवा में भी सामाजिक संगठन और बाबा के भक्तों के जत्थे जुटे रहे। दशाश्वमेध घाट स्थित चितरंजन पार्क सहित शहर के विभिन्न स्थानों पर कांवड़ियों के ठहरने, चाय-नाश्ते, भोजन और दवा आदि की व्यवस्था की गई। सेवा शिविरों में स्वयंसेवक कांवड़ियों की सेवा-सुश्रूषा में लगे रहे।
गंगा के जलस्तर में बढ़ाव के बावजूद कांवड़ियों का उत्साह कम नहीं हुआ। कांवड़िए दशाश्वमेध घाट, प्राचीन शीतला घाट और राजेंद्र प्रसाद घाट पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर कांवड़ में गंगाजल भरते रहे। इसके बाद वे बाबा विश्वनाथ के दरबार में जलाभिषेक के लिए रवाना होते रहे।
सावन के दूसरे सोमवार को लेकर काशी के अन्य शिवालयों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। रविवार को सारनाथ स्थित सारंगनाथ महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए शिवभक्त कतार में लगे रहे। वहीं, बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
इधर, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने रविवार को गोदौलिया से श्री काशी विश्वनाथ धाम तक पैदल भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं की भीड़, यातायात और सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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