नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव: कुलपति प्रो. आर.के. सिंह
जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में एनएसएस स्थापना दिवस पर “नशामुक्त युवा–विकसित भारत” अभियान के तहत युवा संवेदनी कार्यशाला आयोजित की गई।
जौनपुर, 24 सितंबर । यूपी के जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्थापना दिवस के अवसर पर “नशामुक्त युवा–विकसित भारत” अभियान के तहत युवाओं में शराब के दुष्प्रभावों की रोकथाम, जागरूकता एवं संरक्षण विषय पर युवा संवेदनी कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम कंज्यूमर वॉयस, नई दिल्ली एवं कंज्यूमर गिल्ड, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. आर.के. सिंह ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से युवाओं को बचाने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों और युवाओं को मिलकर प्रयास करना होगा। नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की मजबूत नींव बन सकते हैं।
मुख्य वक्ता कंज्यूमर गिल्ड, लखनऊ के अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि जागरूक युवा किसी वस्तु या आदत को अपनाने से पहले उसके प्रभाव और परिणाम को समझता है। युवाओं को केवल नशे से दूर रहने की सलाह देने के बजाय खेल, योग, अध्ययन, नवाचार, सामाजिक सेवा और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है।
सुश्री नीलजना बोस ने कहा कि दोस्तों का दबाव और सामाजिक वातावरण कई बार युवाओं के फैसलों को प्रभावित करता है। शराब को आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा मानने जैसी सोच पर गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
डीएसडब्ल्यू प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि युवा पढ़ाई, करियर, प्रतिस्पर्धा और सामाजिक अपेक्षाओं के दबाव से गुजरते हैं। उन्हें उपदेश के बजाय सही जानकारी, मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण देना जरूरी है।
एनएसएस स्वयंसेवकों ने नशामुक्ति पर नुक्कड़ नाटक और गीत प्रस्तुत कर जागरूक किया। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन अभिनव कीर्ति पांडेय और ओम प्रकाश मिश्र ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सुमित सिंह ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्वयंसेवक मौजूद रहे।