शिव भक्तों के संग आरएसएस के इंद्रेश जी ने रूद्राभिषेक कर की विश्व शांति की कामना

शिव भक्तों ने श्रावण मास के पहले दिन बनाये 1.11 लाख पार्थिव शिवलिंग, किया अभिषेकदो विकल्प, प्रेम करो या दूरी बनाऐं, लेकिन नफरत किसी से नहीं करें: इंद्रेश जीशिव न्याय के देवता, जैसा आचरण, वैसा फल देते: देवकीनंदन महाराज

शिव भक्तों के संग आरएसएस के इंद्रेश जी ने रूद्राभिषेक कर की विश्व शांति की कामना

मथुरा, 30 जुलाई । वृन्दावन श्रावण मास के प्रथम दिन प्रियाकान्तजु मंदिर पर हजारों शिववभक्तों ने ब्रज की माटी से पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर पूजा अर्चना की। देवकीनंदन महाराज के साथ राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के इंद्रेश जी ने रूद्राभिषेक कर विश्व शांति की कामना की। सांयकाल में श्रद्धालुओं ने महाशिवपुराण का श्रवण किया।

गुरूवार को छटीकरा मार्ग स्थित प्रियाकान्तजु मंदिर पर श्रद्धालुओं ने ब्रज की मिट्टी से एक लाख पार्थिव शिवलिंग बनाये। शिवभक्तों ने मंत्राेच्चारण के बीच पंचामृत, फल एवं बेलपत्र से पार्थिव शिवलिंग का अभिषेक किया। महाशिवपुराण कथा से पूर्व आरएसएस के वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इन्द्रेश जी, प्रचारक रूपेश, डा. दयालु महाराज एवं मुख्य यजमान ने व्यासपीठ पूजन किया। अपने सम्बोधन में इन्द्रेश ने कहा कि सृष्टि के आरम्भ और अंत में शिव ही हैं। उनकी विशेषता है कि वे सभी को प्रेम करते हैं। उन्होने कहा कि हमारे पास दो विकल्प हैं कि किससे प्रेम करना है किससे दूरी बनानी है। लेकिन किसी से नफरत नहीं करनी चाहिये। प्रेम करना इंसान का और नफरत करना शैतान का काम है। बुराई के रास्ते पर चलने वाला खुद बर्बाद होता है और दूसरों को भी बर्बाद करता है।

देवकीनंदन महाराज ने कहा कि शिव न्याय के देवता हैं। सतोगुणी, रजोगुणी हो या तमोगुणी प्राणि जैसा गुण धारण करता है शिव वैसा ही फल प्रदान करते हैं। हमें सद्गुणों को धारण कर जीवन जीना चाहिये। उन्होने कहा कि भगवान की कथा सुनने से प्राणि संभावित पापों से मुक्त हो जाते हैं क्योंकि उनकी बुद्धि भगवान की भक्ति में लग जाती है।

शनिवार को आएंगी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल

मंदिर मीडिया प्रभारी जगदीश वर्मा ने बताया कि शनिवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल प्रियाकान्तजु मंदिर में आयोजित पार्थिव शिवलिंग अभिषेक, पूजन एवं महाशिव पुराण कथा में भाग लेंगी। वे प्रातः 10.30 पर मंदिर पहुँचेंगी। देवकीनंदन महाराज से भेंट के पश्चात रूद्राभिषेक करेंगी। इसके पश्चात सांय 4 बजे से सेवाकार्यों में सहभागिता के बाद शिवमहापुराण कथा का श्रवण करेंगीं।