सौर बिजली से उत्तर मध्य रेलवे को ₹7.7 करोड़ की बचत, 10,375 टन कार्बन उत्सर्जन भी रुका
सौर ऊर्जा क्षमता बढ़कर 26.8 मेगावाट पीक हुई, 10,375 मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन रोकने में मिली मदद; अगले वर्ष तक 30 मेगावाट से अधिक करने का लक्ष्य
प्रयागराज, 10 अक्टूबर। उत्तर मध्य रेलवे ने ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान रेलवे ने अपने सौर ऊर्जा संयंत्रों से 12.3 मिलियन यूनिट हरित बिजली का उत्पादन किया। इससे रेलवे को बिजली खर्च में लगभग 7.7 करोड़ रुपये की बचत हुई और 10,375 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को रोकने में मदद मिली। यह जानकारी शनिवार को उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने दी।
उन्होंने बताया कि महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में उत्तर मध्य रेलवे हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में रेलवे ने अपनी सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि की है। वर्ष 2024-25 तक उत्तर मध्य रेलवे की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 12.7 मेगावाट पीक थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसमें 9.7 मेगावाट पीक की वृद्धि की गई, जिससे क्षमता बढ़कर 22.4 मेगावाट पीक हो गई। इसके बाद अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान 4.4 मेगावाट पीक की अतिरिक्त क्षमता स्थापित की गई। इस तरह वर्तमान में कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 26.8 मेगावाट पीक हो गई है।
18 मेगावाट क्षमता के नए संयंत्र लगाने की तैयारी
हरित ऊर्जा को और बढ़ावा देने के लिए उत्तर मध्य रेलवे 18 मेगावाट क्षमता के अतिरिक्त सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। यह कार्य आगामी वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद रेलवे की कुल स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 30 मेगावाट से अधिक हो जाएगी। इससे बिजली की जरूरतों को पूरा करने में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ेगी और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलेगी।
ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में मिल चुके हैं पुरस्कार
उत्तर मध्य रेलवे ने ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। रेलवे को जोनल रेलवे श्रेणी में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार-2023 का प्रथम पुरस्कार और उत्तर प्रदेश ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार-2024 का प्रथम पुरस्कार मिल चुका है। इसके अतिरिक्त, भवन श्रेणी में सूबेदारगंज रेलवे स्टेशन को ‘सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट’ प्रदान किया गया। ये सम्मान ऊर्जा दक्षता और बिजली की बचत के लिए किए जा रहे प्रयासों की पहचान हैं।
सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना प्राथमिकता
उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में रेलवे ऊर्जा संरक्षण और हरित ऊर्जा के उपयोग को प्राथमिकता दे रहा है। सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन बढ़ने के कारण खर्च में कमी आने के साथ पर्यावरण को भी लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधान मुख्य बिजली इंजीनियर जे.सी.एस. बोरा के नेतृत्व और दिशा-निर्देशन में हरित ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं को पूरे उत्तर मध्य रेलवे में लागू किया जा रहा है। आने वाले समय में सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाकर रेलवे को अधिक ऊर्जा दक्ष और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में प्रयास जारी रहेंगे।