जल-जंगल-जमीन की रक्षा का संकल्प, आदिवासी सम्मेलन में गूंजा शिक्षा और अधिकार का मुद्दा

जल-जंगल-जमीन की रक्षा का संकल्प, आदिवासी सम्मेलन में गूंजा शिक्षा और अधिकार का मुद्दा

जल-जंगल-जमीन की रक्षा का संकल्प, आदिवासी सम्मेलन में गूंजा शिक्षा और अधिकार का मुद्दा

मीरजापुर, 12 अगस्त । हलिया विकासखंड के भटवारी गांव स्थित पहाड़ी पर बुधवार को आदिवासी अधिकारों और समुदाय के उत्थान को लेकर सम्मेलन हुआ। पूर्व सपा विधायक प्रत्याशी कीर्ति कोल की अगुवाई में आयोजित सम्मेलन में हलिया, लालगंज और प्रयागराज के कोरांव क्षेत्र से बड़ी संख्या में आदिवासी कोल व अन्य समुदाय के लोग जुटे। “जल-जंगल-जमीन बचाओ, आदिवासी अस्मिता बचाओ” के नारों से सम्मेलन स्थल गूंज उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. भीमराव आंबेडकर और भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। वक्ताओं ने आदिवासी समाज के अधिकारों के साथ शिक्षा को विकास की सबसे मजबूत बुनियाद बताया।

मुख्य अतिथि पूर्व सांसद बाल कुमार पटेल ने कहा कि विंध्य क्षेत्र के आदिवासियों को वनाधिकार के पट्टे समय से मिलने चाहिए। मजदूरी के लिए होने वाले पलायन को रोकने के लिए गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और लघु वनोपज का उचित मूल्य दिलाने की जरूरत है।

पूर्व सपा विधायक प्रत्याशी कीर्ति कोल ने आदिवासी समाज से एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर गांव में आवासीय विद्यालय और छात्रावास की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आर्थिक तंगी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और समाज का शैक्षिक उत्थान हो सके।

पूर्व जिलाध्यक्ष आशीष यादव ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र प्रकृति और संस्कृति दोनों की अनमोल धरोहर है। सरकार की पीएम आवास, आयुष्मान कार्ड और वन धन योजना का लाभ प्रत्येक आदिवासी परिवार तक पहुंचाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

इससे पहले आयोजकों ने मंचासीन अतिथियों को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया। सम्मेलन के समापन पर सभी ने जंगल की रक्षा करने और बच्चों को शिक्षित करने का सामूहिक संकल्प लिया।

इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष मुकुंद लाल, शिवधनी कोल, बुद्धिसेन कोल, रत्नाकर सिंह, नियादर सिंह, गुलजार, श्याम नारायण तिवारी, लक्ष्मण कोल, गोविंद यादव, संगम मौर्य समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।