मीरजापुर में श्रीमद्भागवत कथा का पांचवां दिन, पं. विष्णु शंकर ने सुनाईं श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं
बैकुंठपुर में संगीतमय कथा के दौरान गोवर्धन पूजन, माखन चोरी और पूतना उद्धार के प्रसंगों का किया वर्णन; बोले- देवता मंत्र के अधीन और मंत्र ब्राह्मण के अधीन होते हैं।
मीरजापुर, 04 अक्टूबर । जिले के नरायनपुर क्षेत्र स्थित बैकुंठपुर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन रविवार को वाराणसी से आए कथा मर्मज्ञ पं. विष्णु शंकर ने संगीतमय कथा का प्रवचन किया। उन्होंने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, यशोदा को ब्रह्मांड दर्शन, गोवर्धन पूजन, माखन चोरी और पूतना उद्धार का प्रसंग सुनाया।
पं. विष्णु शंकर ने कहा, “देवता मंत्र के अधीन हैं और मंत्र ब्राह्मण के अधीन होता है।” उन्होंने कहा कि पुरोहित को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना चाहिए। पूतना प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि कंस के भय से नवजात शिशुओं की हत्या कराई जा रही थी। इसी क्रम में पूतना गोकुल पहुंची और नवजात श्रीकृष्ण को गोद में लेकर स्तनपान कराने लगी। कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण ने उसका उद्धार किया।
पुरोहित पं. अजय पाठक और अमित पाठक ने आरती कराई और प्रसाद वितरित किया। कथा में प्रेमनाथ जायसवाल, अखिलेश मिश्रा, विनीत, मंगला, दिनेश, विजय, दिलीप, अशोक, अजीत, सुभाष, दीपक, ओमप्रकाश, मनोज जायसवाल, शनि समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु मौजूद रहे।