केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने श्री हरिमंदिर साहिब में टेका माथा
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने श्री हरिमंदिर साहिब में टेका माथा
अमृतसर, 19 जुलाई केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान रविवार को अमृतसर स्थित सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचे। उन्होंने गुरु घर में नतमस्तक होकर देश-दुनिया की खुशहाली और सरबत के भले के लिए अरदास की। इस दौरान उन्होंने सम्मान स्वरूप पगड़ी भी सजाई।
मीडिया से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब आने पर उन्हें हमेशा विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा और मानसिक शांति का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों में सकारात्मक शक्ति तथा सही दिशा की पहले से अधिक आवश्यकता है। इसी कामना के साथ वह गुरु घर में अरदास करने पहुंचे हैं।
चिराग पासवान ने कहा कि उनके पिता और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान उनके आदर्श तथा राजनीतिक प्रेरणास्रोत हैं। पार्टी उनके बताए मार्ग पर चलते हुए देशभर में अपने संगठन का विस्तार कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी पार्टी नई सोच, विकास और जनहित के मुद्दों के साथ लोगों के बीच जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब को लंबे समय से उसका अपेक्षित अधिकार और विकास का हिस्सा नहीं मिल पाया। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन दलों की सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरीं।
जंतर-मंतर पर केंद्र सरकार के खिलाफ जारी प्रदर्शन के संबंध में पूछे गए सवाल पर चिराग पासवान ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है। हालांकि, किसी भी समस्या का स्थायी और व्यावहारिक समाधान केवल आंदोलन से नहीं, बल्कि सरकार और संबंधित पक्षों के बीच सार्थक संवाद से ही निकल सकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और आवश्यक सुधार करने की जरूरत से इनकार नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल आंदोलन का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हित साधने के लिए कर रहे हैं। चिराग पासवान ने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर जनता के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सकारात्मक बातचीत और आपसी सहमति के माध्यम से ही समस्याओं का प्रभावी तथा स्थायी समाधान निकाला जा सकता है।