दीपोत्सव से पहले अयोध्या को मिलेगी दशरथ पथ की सौगात, त्रेतायुग की स्मृतियों से जुड़ेगा रामनगरी का नया मार्ग

दीपोत्सव से पहले अयोध्या को मिलेगी दशरथ पथ की सौगात, त्रेतायुग की स्मृतियों से जुड़ेगा रामनगरी का नया मार्ग

दीपोत्सव से पहले अयोध्या को मिलेगी दशरथ पथ की सौगात, त्रेतायुग की स्मृतियों से जुड़ेगा रामनगरी का नया मार्ग

अयोध्या, 09 अगस्त । रामनगरी अयोध्या में विकास के साथ अब त्रेतायुग की स्मृतियों को भी नए स्वरूप में संजोया जा रहा है। दीपोत्सव से पहले दशरथ पथ आकार लेने जा रहा है। 15.390 किलोमीटर लंबा यह फोरलेन मार्ग श्रद्धालुओं को त्रेतायुग के उस भावुक अध्याय से जोड़ने का काम करेगा, जहां भगवान श्रीराम के पिता चक्रवर्ती महाराज दशरथ की स्मृतियां आज भी जीवंत हैं।

साकेत पेट्रोल पंप से बिल्वहरी घाट स्थित महाराज दशरथ के समाधि स्थल तक पहुंचने वाला यह मार्ग न केवल अयोध्या की यातायात व्यवस्था को नई रफ्तार देगा, बल्कि श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाओं के बीच त्रेतायुग की अनुभूति भी कराएगा। दशरथ पथ पर कदम बढ़ाते ही मानो रामनगरी की प्राचीन स्मृतियों और आधुनिक अयोध्या का संगम दिखाई देगा। जिसकी कुल लागत 418.98 करोड़ रुपये है। यह मार्ग 14 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। परियोजना का लगभग 92 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।दीपोत्सव से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि शहर के निवासी और श्रद्धालु दोनों इसका लाभ उठा सकें। इस मार्ग पर आधुनिक लाइटें लगाई जाएंगी। साथ ही लगभग एक मीटर चौड़ा पथवे (फुटपाथ) और बीच में डिवाइडर भी होगा। इससे न केवल वाहनों का सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा, बल्कि पैदल यात्रियों की सुरक्षा भी बढ़ेगी। दशरथ पथ से शहर के अंदरूनी इलाकों का सफर आसान हो जाएगा और कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। इस मार्ग के बनने से आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे धार्मिक पर्यटन के बढ़ते दबाव को संभालने में भी मदद मिलेगी।

यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है दशरथ पथ

लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के सहायक अभियंता शशांक पाण्डेय ने बताया कि दशरथ पथ परियोजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह मार्ग अयोध्या की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। परियोजना का करीब 92 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और दीपोत्सव से पहले इसे पूरा करने के लिए तेजी से काम कराया जा रहा है। आधुनिक लाइटिंग, पथवे और डिवाइडर से सुसज्जित यह फोरलेन बाईपास शहरवासियों को जाम से राहत देने के साथ ही आवागमन का समय भी कम करेगा।

दशरथ पथ पर स्थापित होंगे 30 मुद्रा स्तंभ

अयोध्या विकास प्राधिकरण की ओर से करीब 15 किलोमीटर लंबे दशरथ पथ पर 82.68 लाख रुपये की लागत से 30 मुद्रा स्तंभ स्थापित किए जाएंगे। करीब हर 500 मीटर की दूरी पर एक स्तंभ लगाया जाएगा। इनमें 15 स्तंभों पर योग मुद्राएं और 15 पर शस्त्र मुद्राएं प्रदर्शित होंगी। प्रत्येक स्तंभ करीब छह फीट ऊंचा होगा। पथ कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने के बाद इन स्तंभों को स्थापित किया जाएगा। योग मुद्राओं के माध्यम से आध्यात्मिक परंपरा और भारतीय संस्कृति का संदेश दिया जाएगा, जबकि शस्त्र मुद्राएं वीरता, शौर्य और सनातन परंपरा की गौरवशाली विरासत को दर्शाएंगी। वायु, अग्नि और आयु जैसी योग मुद्राएं इन स्तंभों को विशेष आकर्षण देंगी। रात में आकर्षक प्रकाश व्यवस्था के बीच ये स्तंभ दशरथ पथ की खूबसूरती बढ़ाएंगे और श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेंगे। इससे अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती मिलने के साथ पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।