चुनाव आयोग की गड़बड़ी से 2022 में हारी थी सपा, अब बचाव कर रही भाजपा : अखिलेश यादव

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनाव आयोग और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने फॉर्म-7 के कथित इस्तेमाल से मतदाता सूची में नाम हटाने का दावा किया

चुनाव आयोग की गड़बड़ी से 2022 में हारी थी सपा, अब बचाव कर रही भाजपा : अखिलेश यादव

लखनऊ,27 सितंबर। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में कथित तौर पर अनियमितताएं करने का आरोप चुनाव आयोग पर लगाया है। उन्होंने चुनाव आयोग के बचाव में आगे आने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान सपा समर्थकों के वोट हटाने की कोशिश की गई और इसके लिए बड़े पैमाने पर फॉर्म-07 का इस्तेमाल किया गया। अखिलेश ने दावा किया कि 2022 के विधानसभा चुनाव में चुनाव आयोग और अधिकारियों ने मिलकर जान-बूझकर सपा समर्थकों के मतदाता सूची से नाम काटे। मतदाता सूची से वोट काटे जाने की शिकायत सपा ने चुनाव के बाद भी उठाई थी।

अखिलेश यादव रविवार को पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान सपा को इस तरह की प्रक्रिया का अंदाजा नहीं था। पार्टी को भरोसा था कि चुनाव आयोग स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव कराता है, लेकिन बाद में सामने आई घटनाओं से यह भरोसा प्रभावित हुआ। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की कथित गड़बड़ियों के कारण 2022 में सपा की सरकार नहीं बन सकी।

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोगों ने गांव-गांव जाकर मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आवेदन करवाए। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में फॉर्म-07 भरकर मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई। अखिलेश ने दावा किया कि लखनऊ में एक व्यक्ति ने 100 से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-07 दाखिल किए, जबकि उनके अनुसार एक व्यक्ति अधिकतम पांच मतदाताओं के संबंध में ऐसा आवेदन कर सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चुनाव आयोग के पक्ष में कथित तौर पर दिए गए बयान को लेकर भी अखिलेश ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि "अगर मुख्यमंत्री इलेक्शन कमीशन के पक्ष में बोल रहे हैं, इसका मतलब मुख्यमंत्री खुद घोटाले में शामिल हैं और पूरी भाजपा घोटाले में शामिल है।"

'खेल में कोई खेल नहीं होगा'

आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों का उल्लेख करते हुए अखिलेश ने कहा कि सपा के चुनावी घोषणापत्र में खेल और खेल अवसंरचना से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि खेल में कोई खेल नहीं होंगे। सरकार बनने पर खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और खेल के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

पा प्रमुख ने कहा कि सपा सरकार बनने पर यश भारती सम्मान की राशि बढ़ाकर 21 लाख रुपये की जाएगी। इसके साथ ही सम्मान प्राप्त करने वाली विभूतियों को मिलने वाली मासिक सम्मान राशि को बढ़ाकर एक लाख रुपये करने की बात भी उन्होंने कही।

सैफई का हवाला देकर गोरखपुर पर निशाना

विकास कार्यों को लेकर भाजपा सरकार पर हमला करते हुए अखिलेश ने सैफई का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने सैफई से प्रेरणा ली होती तो गोरखपुर भी विकास का मॉडल बन सकता था। उन्होंने तंज किया कि जहां मेट्रो चलनी थी, वहां नाव चल रही है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग मंदिर में चोरी कर सकते हैं, चढ़ावा चोरी कर सकते हैं, उनसे क्या आप उम्मीद करोगे।