योगी कैबिनेट के बड़े फैसले : हरिद्वार तक बढ़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे, 08 मेगा परियोजनाओं को 2902 करोड़ के निवेश की मंजूरी

योगी कैबिनेट के बड़े फैसले : हरिद्वार तक बढ़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे, 08 मेगा परियोजनाओं को 2902 करोड़ के निवेश की मंजूरी

योगी कैबिनेट के बड़े फैसले : हरिद्वार तक बढ़ेगा गंगा एक्सप्रेसवे, 08 मेगा परियोजनाओं को 2902 करोड़ के निवेश की मंजूरी

लखनऊ, 25 अगस्त । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में औद्योगिक विकास, एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार और रोजगार सृजन को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने 10,761 करोड़ रुपये की लागत से गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने और 2,901.97 करोड़ रुपये के निवेश वाली आठ मेगा औद्योगिक परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।

हरिद्वार तक विस्तारित होगा गंगा एक्सप्रेसवे

कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने की मंजूरी दी है। प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण छह लेन में किया जाएगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। परियोजना पर राज्य सरकार का संभावित व्यय-भार 10,761 करोड़ रुपये होगा। इसमें केंद्र सरकार की किसी वित्तीय भागीदारी की अपेक्षा या प्रस्ताव नहीं है।

कैबिनेट की मंजूरी के बाद परियोजना की डीपीआर तैयार करने सहित आगे की आवश्यक कार्यवाही शुरू की जाएगी।

बिजनौर से हरिद्वार की कनेक्टिविटी होगी आसान

गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से बिजनौर जिले को हरिद्वार से तेज और बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे के माध्यम से बिजनौर की राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों से कनेक्टिविटी और सुगम होगी। इससे क्षेत्र में व्यापार, निवेश, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय लोगों के साथ कारोबारियों और पर्यटकों को भी लाभ मिलेगा।

प्रयागराज और हरिद्वार के बीच बनेगा तेज एक्सप्रेसवे कॉरिडोर

गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक पहुंचने से गंगा तट पर स्थित दो प्रमुख कुंभ नगरियों प्रयागराज और हरिद्वार के बीच नियंत्रित और तेज एक्सप्रेसवे कनेक्शन विकसित होगा। इससे धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए दोनों प्रमुख धार्मिक नगरियों के बीच आवागमन आसान होगा। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे से जुड़े क्षेत्रों में पर्यटन आधारित कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

आठ मेगा औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत आठ मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (एलओसी) जारी किए जाने की संस्तुति को भी मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में कुल 2,901.97 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

मंजूरी प्राप्त प्रमुख परियोजनाओं में गौतमबुद्ध नगर में सूर्या ग्लोबल सुपर फ्लैक्सीफिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड का 605.37 करोड़ रुपये, हमीरपुर में शाल्विस स्पेशियलिटीज लिमिटेड का 297.30 करोड़ रुपये और हाथरस में साउंड कास्टिंग्स प्राइवेट लिमिटेड का 225 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।

इसी तरह बाराबंकी में वृन्दावन बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड 436.12 करोड़ रुपये, लखीमपुर खीरी में जुआरी एनविएन बायोएनर्जी प्राइवेट लिमिटेड 294.72 करोड़ रुपये, हाथरस में पसवारा पेपर्स लिमिटेड 315 करोड़ रुपये, मथुरा में सीआरडी फूड्स एंड बेवरेजेज लिमिटेड 363.94 करोड़ रुपये और उन्नाव में माउंट एवरेस्ट ब्रुअरीज लिमिटेड 363.52 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

निवेश के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे

इन औद्योगिक परियोजनाओं को पात्रता के अनुसार नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी जैसे नीति आधारित प्रोत्साहन मिलेंगे। सरकार का उद्देश्य बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के साथ प्रदेश में प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल तैयार करना है।

इन परियोजनाओं से गौतमबुद्ध नगर, हमीरपुर, हाथरस, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, मथुरा और उन्नाव समेत कई जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। नई इकाइयों की स्थापना और संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

कनेक्टिविटी और निवेश के जरिए विकास को रफ्तार

कैबिनेट के दोनों फैसलों को प्रदेश में कनेक्टिविटी विस्तार और औद्योगिक निवेश बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एक ओर गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार तक विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और धार्मिक पर्यटन को नई कनेक्टिविटी मिलेगी, वहीं दूसरी ओर मेगा औद्योगिक परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिलने से विभिन्न जिलों में निवेश, उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।