उपचार के साथ बीमारियों से बचाव पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण : डॉ. पिंकी जोवल
उपचार के साथ बीमारियों से बचाव पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण : डॉ. पिंकी जोवल
लखनऊ, 22 जुलाई। उत्तर प्रदेश में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने तथा टीकों के प्रति लोगों का भरोसा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बुधवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश के राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई स्थित सभागार में ‘‘उत्तर प्रदेश में टीकों के प्रति विश्वास सुदृढ़ीकरण” विषय पर राज्य स्तरीय तकनीकी परामर्श बैठक आयोजित की गई।
यह बैठक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश के सहयोग से डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के तत्वावधान में आयोजित हुई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों, चिकित्सा विशेषज्ञों, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के राजकीय मेडिकल कॉलेजों एवं अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायबरेली के फैकल्टी सदस्यों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उ0प्र0 की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने कहा प्रदेश में पूर्ण टीकाकरण कवरेज के आंकड़ों में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। पूर्ण टीकाकरण कवरेज (12-23 महीने की आयु के बच्चे हेतु) का आंकड़ा अब 81.4 फीसद के स्तर पर पहुंच गया है, जिसमें 11.5 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई है। डा. जोवल ने कहा कि अब समय आ गया है कि उपचार के साथ ही बीमारियों से बचाव पर भी ध्यान दिया जाए ताकि उपचार में होने वाले व्यय को कम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि लाभार्थियों तक प्रामाणिक जानकारी पहुंचाना आवश्यक है, ताकि टीकाकरण को लेकर किसी प्रकार की आशंका या भ्रम न रहे। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालयों, स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संस्थाओं से समन्वित प्रयास करने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ता विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी एकीकृत रूप से समुदाय तक पहुंचाएं, तो उसका प्रभाव अधिक व्यापक और स्थायी होगा।
इससे पूर्व बैठक का उद्घाटन करते हुए लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सी.एम. सिंह ने कहा कि प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे मेडिकल कॉलेज टीकों के प्रति विश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थान, स्वास्थ्य विभाग और सहयोगी संगठनों के संयुक्त प्रयासों से टीकाकरण संबंधी गलत सूचनाओं का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है।
बैठक में लोहिया संस्थान, केजीएमयू, एम्स रायबरेली, एएमयू, एलएलआरएम0मेडिकल कॉलेज मेरठ, एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर, आईसीएमआर-आरएमआरसी गोरखपुर सहित विभिन्न चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।