उप्र में बारिश और बाढ़ का दोहरा संकट, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 40 से अधिक जिलों में ऑरेंज अलर्ट

उप्र में बारिश और बाढ़ का दोहरा संकट, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 40 से अधिक जिलों में ऑरेंज अलर्ट

उप्र में बारिश और बाढ़ का दोहरा संकट, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर, 40 से अधिक जिलों में ऑरेंज अलर्ट

लखनऊ, 24 अगस्त। उत्तर प्रदेश में मानसून के बीच बारिश और बाढ़ का दोहरा संकट बना हुआ है। एक ओर प्रदेश के कई जिलों में अगले तीन घंटों के दौरान मध्यम से तेज बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और आंधी-तूफान की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, वहीं दूसरी ओर गंगा और घाघरा समेत गंगा बेसिन की कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बदायूं, बलिया, अयोध्या और प्रयागराज में नदी का जलस्तर गंभीर स्थिति में दर्ज किया गया है।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों का असर 24 अगस्त की सुबह तक खास तौर पर पूर्वी और तराई क्षेत्रों में अधिक रहा। इसके बाद पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से मानसूनी गतिविधियों में कुछ कमी आने और बारिश के थमने की संभावना है। हालांकि 25 अगस्त को भी पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बारिश अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 26 से 29 अगस्त के दौरान भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।

कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर

उत्तर प्रदेश में नदियों में जलस्तर की ताजा स्थिति के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में कछला पुल पर गंगा नदी का जलस्तर 162.53 मीटर दर्ज किया गया है। यह खतरे के स्तर 162.40 मीटर से 0.13 मीटर ऊपर है। यहां जलस्तर फिलहाल स्थिर बना हुआ है। यह 11 अगस्त 2025 को दर्ज 163.02 मीटर के पिछले उच्च स्तर से 0.49 मीटर नीचे है।

बलिया में गंगा नदी 58.93 मीटर के जलस्तर पर बह रही है, जो खतरे के स्तर 57.615 मीटर से 1.31 मीटर ऊपर है। यहां भी जलस्तर स्थिर है। यह 25 अगस्त 2016 के 60.39 मीटर के पिछले उच्च स्तर से 1.46 मीटर नीचे है।

अयोध्या में घाघरा नदी का जलस्तर 92.84 मीटर दर्ज किया गया है। यह खतरे के स्तर 92.73 मीटर से 0.11 मीटर ऊपर है और जलस्तर स्थिर बना हुआ है। वहीं बलिया के तुरतीपार में घाघरा 64.37 मीटर के स्तर पर बह रही है, जो खतरे के स्तर 64.01 मीटर से 0.36 मीटर ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर में करीब 9.99 मिमी प्रति घंटे की गिरावट दर्ज की गई है।

प्रयागराज के चकघाट में गंगा बेसिन की नदी का जलस्तर 93.60 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के स्तर 92.20 मीटर से 1.40 मीटर ऊपर है। यहां जलस्तर में करीब 50 मिमी प्रति घंटे की गिरावट दर्ज की जा रही है।

40 से अधिक जिलों में ऑरेंज अलर्ट

सचेत ऐप से प्राप्त सूचना के अनुसार अगले तीन घंटों में जौनपुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर, जालौन, रायबरेली, अमेठी, कानपुर नगर, इटावा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, हाथरस, मथुरा, कासगंज, आजमगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, अयोध्या, संत कबीर नगर, बस्ती, कानपुर देहात, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई, सीतापुर, बहराइच, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, अलीगढ़, बदायूं, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, संभल, हापुड़, गाजियाबाद, मेरठ और बागपत में कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी-तूफान की संभावना है।

इनमें बस्ती, गोंडा, लखनऊ, उन्नाव, अंबेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, बहराइच और लखीमपुर खीरी में कुछ स्थानों पर भारी बारिश, गरज और बिजली गिरने की विशेष संभावना को देखते हुए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा सीतापुर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, एटा, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़ और बुलंदशहर में भी अगले तीन घंटों के दौरान मध्यम से तेज बारिश, गरज-चमक और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है।

मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश का प्रभाव प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बना रह सकता है। ऐसे में नदियों के बढ़े जलस्तर और संभावित भारी बारिश को देखते हुए नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों तथा बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।