तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, दो हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश
तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, दो हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश
नई दिल्ली, 25 अगस्त अपने सहयोगी से दुष्कर्म मामले में सजायाफ्ता तहलका के पूर्व पत्रकार तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। जस्टिस आलोक अराधे ने तरुण तेजपाल को दो हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।
इस मामले की सुनवाई के दौरान गोवा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि अपने सहयोगी से दुष्कर्म के मामले में दोषी करार दिए गए तहलका के पूर्व पत्रकार तरुण तेजपाल को उच्चतम न्यायालय में अपील दाखिल करने के पहले सरेंडर कर देना चाहिए था। सुनवाई के दौरान तरुण तेजपाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा था कि तरुण तेजपाल को सरेंडर करने की कोई जरुरत नहीं है, क्योंकि बांबे उच्च न्यायालय की गोवा बेंच ने अपने 6 अगस्त के फैसले में सरेंडर करने पर एक महीने की रोक रखी है।
तेजपाल ने उन्हें दी गई दस साल की सजा को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। तरुण तेजपाल के पहले गोवा सरकार ने भी उच्चतम न्यायालय में अर्जी दाखिल कर तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है।
गोवा सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तरुण तेजपाल को उम्रकैद की सजा देने की मांग की है। गोवा सरकार ने बांबे उच्च न्यायालय की गोवा बेंच के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें तरुण तेजपाल को दो दोष के लिए 10-10 साल की सजा साथ ही काटने का फैसला सुनाया है। गोवा सरकार ने कहा है कि समय बीत जाने का लाभ अपराधी को नहीं दिया जा सकता है।
बांबे उच्च न्यायालय की गोवा बेंच ने छह अगस्त को तरुण तेजपाल को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया था, लेकिन उच्च न्यायालय ने तरुण तेजपाल को दस साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई है। उच्च न्यायालय ने कहा था कि घटना 13 साल पहले की है और इस दौरान तरुण तेजपाल की ओर से कोई आपराधिक कृत्य की जानकारी नहीं है।