प्रयागराज मंडल के रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की जांच तेज, एक महीने में 3,735 पानी के नमूनों की हुई जांच

यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए रेलवे मंडल लगातार निगरानी कर रहा है। जांच में 3,447 अवशिष्ट क्लोरीन, 280 बैक्टीरियोलॉजिकल और 8 रासायनिक नमूने शामिल रहे।

प्रयागराज मंडल के रेलवे स्टेशनों पर पेयजल की जांच तेज, एक महीने में 3,735 पानी के नमूनों की हुई जांच

प्रयागराज, 02 अक्टूबर । यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रयागराज मंडल में लगातार निगरानी की जा रही है। मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और परिसरों में पेयजल की गुणवत्ता जांचने के लिए एक माह में 3,735 जल नमूनों की जांच की गई। इनमें 3,447 अवशिष्ट क्लोरीन, 280 बैक्टीरियोलॉजिकल और आठ रासायनिक जांच के नमूने शामिल हैं।

उत्तर मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने शुक्रवार काे बताया कि यात्रियों के स्वास्थ्य और सुविधा को देखते हुए पेयजल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्टेशनों पर उपलब्ध पेयजल स्रोतों की नियमित जांच के साथ ही जल भंडारण टंकियों की समय-समय पर सफाई और पेयजल स्थलों के आसपास स्वच्छता सुनिश्चित की जा रही है। गुणवत्ता में किसी तरह की कमी मिलने पर संबंधित विभागों के समन्वय से तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है।

मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर लगे पेयजल नलों, वाटर कूलरों, जल भंडारण टंकियों और अन्य जल स्रोतों की नियमित जांच की जा रही है। अवशिष्ट क्लोरीन की जांच से पानी में क्लोरीनीकरण की स्थिति का पता लगाया जाता है। बैक्टीरियोलॉजिकल जांच के माध्यम से पानी की सूक्ष्मजीव संबंधी गुणवत्ता, जबकि रासायनिक जांच से पानी में मौजूद महत्वपूर्ण रासायनिक तत्वों की स्थिति की जांच की जाती है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन जांचों का उद्देश्य यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता और सुरक्षा बनाए रखना है। इसके साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था के समुचित रखरखाव पर भी लगातार निगरानी रखी जा रही है।

मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल ने कहा कि यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना मंडल की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। इसके लिए नियमित जांच और सतत निगरानी की प्रभावी व्यवस्था की गई है। पेयजल व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों की सुविधा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच जारी रहेगी। रेलवे स्टेशनों पर स्वच्छता और सुरक्षित जल उपलब्ध कराने के लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम किया जा रहा है।