कौशांबी: आयुष्मान कार्ड और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से रीतू को मिली नई जिंदगी, अब नियमित जा रही स्कूल
जन्म से दिल में छेद की समस्या से जूझ रही पवैया गांव की रीतू के इलाज में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) और स्वास्थ्य योजनाओं से मिली मदद; मां मैकी देवी ने जताया आभार।
कौशांबी, 18 सितंबर । उत्तर प्रदेश के जनपद कौशांबी में सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं ने रीतू को न केवल नया जीवन दिया बल्कि उसे एक सामान्य जीवन जीने की राह दिखायी; अब दूसरे बच्चों की तरह हंसती-खेलती है, कभी स्कूल में पढ़ाई के दौरान बेहोश होकर घर लौटने वाली रीतू आज चलती-फिरती है और नियमित रूप से पढ़ाई करती है।
कौशांबी के पवैया गांव की रहने वाली रीतू के जीवन में यह बदलाव राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं की मदद से आया है। रीतू की मां मैकी देवी बताती हैं कि उनकी बेटी को जन्म से ही दिल में छेद था। थोड़ी दूर चलने पर ही वह हांफने लगती थी। हालत इतनी गंभीर हो जाती थी कि कई बार स्कूल से उसे बेहोशी की हालत में घर लाना पड़ता था। बेटी के इलाज की चिंता पहले से थी, लेकिन पति मायादीन के निधन के बाद परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो गया। ऐसे में महंगे इलाज के बारे में सोचना भी मुश्किल था। मैकी देवी कहती हैं कि जिस बेटी के इलाज की उम्मीद उन्होंने लगभग छोड़ दी थी, आज वही बेटी स्वस्थ जीवन जी रही है। इसके लिए वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद देती हैं। उनके लिए सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं उनकी बेटी के लिए नई जिंदगी की उम्मीद बनकर आईं।
सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने कहा कि सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा पहुंचाना है। आरबीएसके के माध्यम से बच्चों में बीमारी की समय पर पहचान कर उन्हें उपचार से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। रीतू जैसे बच्चों का स्वस्थ होकर सामान्य जीवन जीना इन योजनाओं की सार्थकता को दिखाता है।