जेल में मनाया गया रक्षाबंधन, बहनों ने भाइयों से लिया सुधरने का वचन
जेल में मनाया गया रक्षाबंधन, बहनों ने भाइयों से लिया सुधरने का वचन
कानपुर, 28 अगस्त । रक्षाबंधन पर कानपुर जिला कारागार में कैदियों और उनकी बहनों के बीच मुलाकात का नजारा शुक्रवार को बदला हुआ था। जेल प्रशासन ने राखी बांधने पहुंचीं बहनों को भाइयों से आमने-सामने मिलवाया।
आमतौर पर जेल में सुरक्षा के कारण कैदी और मुलाकाती के बीच लोहे की जाली रहती है, लेकिन इस बार बहनों को भाई की कलाई पर बिना किसी जाली के राखी बांधने और कुछ समय साथ बैठने का अवसर मिला। भावुक हुई कई बहनों ने भाइयों से वचन लिया कि वे जेल से बाहर निकलने के बाद दोबारा किसी गलत काम का हिस्सा नहीं बनेंगे।
रक्षाबंधन पर जेलों में बंद कैदियों को बहनों से मुलाकात और राखी बंधवाने की अनुमति दी जाती है। सामान्य व्यवस्था में कैदी और बहन के बीच लोहे की जाली होती है। बहन जाली में बने स्थान से भाई की कलाई तक पहुंचकर राखी बांधती है। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के चलते दोनों के बीच दूरी बनी रहती है
जेल अधीक्षक राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि कानपुर जिला कारागार में इस बार मुलाकात की व्यवस्था को अधिक सहज बनाया गया है। बहनों को भाइयों के सामने बैठकर राखी बांधने का मौका मिला। लंबे समय बाद भाई को इस तरह सामने पाकर कई बहनें भावुक हो गईं। किसी ने भाई की कलाई पर राखी बांधी तो किसी ने मिठाई खिलाकर उसके बेहतर भविष्य की कामना की।
मुलाकात के दौरान बहनों ने भाइयों को परिवार और बच्चों की जिम्मेदारियों का अहसास कराया। उन्होंने उनसे अपराध से दूर रहने और जेल से बाहर आने के बाद सामान्य जीवन शुरू करने का वचन लिया। भाइयों ने भी बहनों को भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं करेंगे, जिससे परिवार को परेशानी उठानी पड़े।
बहनों का कहना था कि रक्षाबंधन पर भाई से इस तरह मिलना उनके लिए भावुक कर देने वाला अनुभव रहा। जेल प्रशासन की इस व्यवस्था से उन्हें लगा कि वे कुछ समय के लिए जेल की चारदीवारी के बजाय अपने घर के माहौल में भाई के साथ बैठी हैं।