सुमेरपुर का तीजा महोत्सव बना वृंदावन, हरचंदन तालाब में सजी नाग नाथ लीला; कंस वध देख भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

हरतालिका व्रत पर ऐतिहासिक तीजा महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब। बाल-कृष्ण ने कालिया नाग का मान मर्दन किया तो छोटी बाजार में कृष्ण-बलराम ने कंस वध की लीला से भक्तों का मन मोह लिया।

सुमेरपुर का तीजा महोत्सव बना वृंदावन, हरचंदन तालाब में सजी नाग नाथ लीला; कंस वध देख भाव-विभोर हुए श्रद्धालु


हमीरपुर, 14 सितम्बर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले मेे हरतालिका व्रत के पावन पर्व पर सुमेरपुर का ऐतिहासिक तीजा महोत्सव इस बार भी द्वापर युग की दिव्य अनुभूतियों को जीवंत कर गया। सुमेरपुर की गलियों में जब कन्हैया की भक्ति की रसधार बही, तो समूचा कस्बा मानो वृंदावन के पावन धाम में परिवर्तित हो गया। इस पारंपरिक विशाल महोत्सव का साक्षी बनने और भक्ति के असीम आनंद में गोता लगाने के लिए सुदूर क्षेत्रों से जनसैलाब उमड़ पड़ा।

महोत्सव के दौरान जब गाजे-बाजे और भक्ति गीतों की गूंज के साथ भव्य शोभायात्रा ऐतिहासिक हरचंदन तालाब पहुंची, तो वहां का दृश्य बिल्कुल वृंदावन के यमुना तट जैसा प्रतीत होने लगा। तालाब के गहरे जल में जब बाल-कृष्ण स्वरूप ने फन फैलाए कालिया नाग पर नृत्य करते हुए जैसे ही श्रीकृष्ण ने नाग का मान मर्दन किया, पूरा प्रांगण जय श्रीकृष्णा और राधे-राधे के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। नाग लीला के उपरांत शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए छोटी बाजार पहुंची, जहां कृष्ण-बलराम द्वारा अत्याचारी कंस के वध की अलौकिक लीला का मंचन किया गया। जैसे ही भगवान ने कंस का संहार किया, वहां मौजूद अपार जनसमूह ने करतल ध्वनियों से आकाश गुंजा दिया। छोटी बाजार में उमड़े विशाल जनसैलाब को संभालना प्रशासन के लिए भी चुनौती बना रहा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने देर रात तक भजनों पर थिरकते हुए वृंदावन जैसी कृष्णमयी भक्ति का भरपूर आनंद लिया।