पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपित पत्नी की अग्रिम जमानत मंजूर

पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपित पत्नी की अग्रिम जमानत मंजूर

पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपित पत्नी की अग्रिम जमानत मंजूर

प्रयागराज, 26 अगस्त 

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पति को आत्महत्या के लिए उकसाने की आरोपित पत्नी को अग्रिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने यह आदेश स्मृति सोनी देवी की अर्जी पर पारित किया।

कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2023 में पति को आत्महत्या के लिए उकसाने की आरोपित पत्नी सोनी देवी पर आईपीसी की धारा 306 के तहत आरोप लगाया गया था और राहुल पाल से यह उनका दूसरा विवाह था। दोनों गुरुग्राम, हरियाणा में काम के सिलसिले में रह रहे थे।

आवेदिका की ओर से अधिवक्ता जनार्दन यादव और विवेक कुमार पाल ने अदालत में दलील दी कि सोनी देवी को झूठा फंसाया गया है। उनका कहना था कि मृतक शराब का आदी था और नशे की हालत में उसने आत्महत्या की। प्रथम सूचनाकर्ता के अनुसार, आवेदिका द्वारा संपत्ति की मांग को लेकर मृतक अवसाद में चला गया था, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया।

बचाव पक्ष ने यह भी बताया कि जांच के दौरान एक आत्महत्या नोट बरामद हुआ था, लेकिन यह साबित करने के लिए कोई विशेषज्ञ रिपोर्ट नहीं है कि वह नोट मृतक ने खुद लिखा था। वकीलों ने तर्क दिया कि आवेदिका के खिलाफ उकसाने का कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सबूत मौजूद नहीं है।

यह भी बताया गया कि हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पहले ही आवेदिका की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी थी और अब चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है, इसलिए हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।

अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के कई महत्वपूर्ण फैसलों का हवाला दिया, जिनमें कहा गया है कि धारा 306 आईपीसी (अब धारा 108 बीएनएस) के तहत दोष सिद्ध करने के लिए आरोपी की ओर से जानबूझकर उकसाने का ठोस सबूत आवश्यक है।

कोर्ट ने कहा कि यदि किसी आरोपी को जांच के दौरान गिरफ्तार नहीं किया गया है, तो केवल चार्जशीट दाखिल होने के आधार पर उसे हिरासत में भेजना उचित नहीं होगा।

राज्य की ओर से पैरवी कर रहे अपर शासकीय अधिवक्ता ने जमानत अर्जी का विरोध किया, लेकिन तथ्यात्मक पहलुओं पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

मामले के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए, बिना मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए, अदालत ने सोनी देवी को सशर्त अग्रिम जमानत देने का आदेश दिया।