कुर्क संपत्ति न छोड़ने पर हाईकोर्ट सख्त, डीएम काे चेतावनी

जिलाधिकारी गाजीपुर को 17 अगस्त तक मोहलत या पेश होने का आदेश

कुर्क संपत्ति न छोड़ने पर हाईकोर्ट सख्त, डीएम काे चेतावनी

प्रयागराज, 28 जुलाई । इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मंगलवार को गाज़ीपुर के जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला को अवमानना मामले में एक और मोहलत दी है, लेकिन साफ चेतावनी दी है कि अगर तय समय में आदेश का पालन नहीं हुआ तो अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में हाज़िर होना पड़ेगा।

मामला मंसूर अंसारी की उस संपत्ति से जुड़ा है जिसे गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया गया था। हाईकोर्ट ने 12 मार्च 2026 को क्रिमिनल अपील में यह आदेश देकर कुर्की रद्द कर दी थी और प्रशासन को संपत्ति तुरंत छोड़ने का निर्देश दिया था। लेकिन आदेश का पालन न होने पर मंसूर अंसारी ने अवमानना याचिका दाखिल की।

न्यायमूर्ति विकास बुधवार की एकलपीठ को बताया गया कि जिलाधिकारी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटीशन दाखिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन अभी तक कोई मंज़ूरी नहीं मिली है। कोर्ट ने इसे आदेश पालन से बचने का आधार मानने से इन्कार कर दिया और कहा कि सिर्फ प्रस्ताव भेजना अनुपालन की बाध्यता खत्म नहीं करता।

न्यायालय ने कहा 17 अगस्त 2026 तक या तो सुप्रीम कोर्ट से अनुकूल आदेश लाया जाए या फिर अनुपालन का शपथ-पत्र दाखिल किया जाए। दोनों में से कुछ न होने पर अधिकारियों को अगली तारीख पर व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा।

गौरतलब है कि मंसूर अंसारी, गैंगस्टर एक्ट के आरोपी और गैंग सरगना मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई हैं, और यह संपत्ति पारिवारिक बंटवारे में उन्हें मिली बताई गई है।