किराया अधिकरण आदेश के खिलाफ अनुच्छेद 226 में याचिका पोषणीय नहीं : उच्च न्यायालय

किराया अधिकरण आदेश के खिलाफ अनुच्छेद 226 में याचिका पोषणीय नहीं : उच्च न्यायालय

किराया अधिकरण आदेश के खिलाफ अनुच्छेद 226 में याचिका पोषणीय नहीं : उच्च न्यायालय

 इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि शहरी किराया नियंत्रण कानून 2021 के तहत गठित किराया अधिकरण सिविल कोर्ट है, न कि कोई विशिष्ट व्यक्ति अथवा संस्था। इसलिए अनुच्छेद 226 में अधिकरण के आदेश के खिलाफ याचिका दायर नहीं की जा सकती। किंतु अनुच्छेद 227 में याचिका दायर की जा सकती है। न्यायमूर्ति डाक्टर योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की एकलपीठ ने यह आदेश गाजियाबाद के रविंद्र कुमार व अन्य आठ व्यक्तियों की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। कोर्ट ने याचीगण को एक सप्ताह का समय दिया है ताकि वे याचिका में आवश्यक संशोधन के लिए आवेदन कर सकें। अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी। उल्लेखनीय है कि किराया न्यायाधिकरण जिला न्यायाधीश अथवा उनकी तरफ से मनोनीत अतिरिक्त जिला जज की अध्यक्षता में काम करता है।