प्रयागराज ब्रेकिंग: करछना विधायक पीयूष रंजन निषाद के काफिले पर 'जानलेवा हमला', बाल-बाल बचे; विधायक ने जताई हत्या की साजिश की आशंका
साजिश या हादसा? करछना विधायक पीयूष रंजन निषाद की गाड़ी को ट्रक ने मारी जोरदार टक्कर!
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में सोमवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब करछना विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक पीयूष रंजन निषाद के काफिले को एक तेज रफ्तार ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। गनीमत यह रही कि इस खौफनाक हादसे में विधायक और उनके साथ मौजूद सरकारी सुरक्षा गार्ड बाल-बाल बच गए। हालांकि, काफिले में शामिल एक गाड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है।
इस घटना के बाद जिले की राजनीति और पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। विधायक पीयूष रंजन निषाद ने इसे महज एक हादसा मानने से साफ इनकार करते हुए अपनी हत्या की गहरी साजिश का आरोप लगाया है।
कैसे घटी यह खौफनाक घटना?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार की रात विधायक पीयूष रंजन निषाद अरैल बांध रोड स्थित एक निजी कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे थे। देर रात जब उनका काफिला नैनी इलाके में पुराने यमुना पुल के नीचे से होकर बांध रोड की तरफ मुड़ रहा था, तभी एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने उनके काफिले में घुसने की कोशिश की।
ट्रक की गति इतनी तेज थी कि उसने काफिले की एक गाड़ी को जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर अचानक ब्रेक लगने और अफरातफरी के बीच विधायक और उनके सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद नैनी कोतवाली पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची।
"यह हादसा नहीं, मेरी हत्या की सुनियोजित साजिश है"
घटना से आक्रोशित और चिंतित विधायक पीयूष रंजन निषाद ने नैनी कोतवाली में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। प्रयागराज न्यूज़ डिजिटल मीडिया से बात करते हुए (सूत्रों के हवाले से) विधायक ने स्पष्ट किया कि उनके काफिले को जानबूझकर निशाना बनाया गया है।
उन्होंने कहा, "यह कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं है। जिस तरह से ट्रक ने हमारे काफिले को टारगेट किया, यह स्पष्ट रूप से एक सोची-समझी साजिश है। मुझे रास्ते से हटाने की कोशिश की जा रही है।"
3 अप्रैल 2025 की वो घटना और पुलिस की लापरवाही!
विधायक ने इस मामले में पुलिस की पिछली कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने खुलासा किया कि ठीक एक साल पहले, 3 अप्रैल 2025 को भी उनके काफिले के साथ बिल्कुल इसी तरह की 'दुर्घटना' को अंजाम देने की कोशिश की गई थी।
विधायक का आरोप है कि उस वक्त भी उन्होंने पुलिस प्रशासन को इस खतरे से आगाह किया था, लेकिन उस समय कोई ठोस या प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उसी ढिलाई का नतीजा है कि अपराधियों और साजिशकर्ताओं के हौसले इतने बुलंद हो गए कि उन्होंने एक बार फिर इस तरह के दुस्साहसिक हमले को अंजाम दिया है। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद विधायक ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है।
पुलिस का एक्शन: ड्राइवर गिरफ्तार, ट्रक सीज
VIP काफिले पर हमले की सूचना मिलते ही प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट एक्शन में आ गया। नैनी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टक्कर मारने वाले ट्रक को तुरंत अपने कब्जे में ले लिया है और उसे जब्त (Seize) कर लिया है।
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आरोपी की गिरफ्तारी: मौके से भागने की कोशिश कर रहे ट्रक चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उसे जेल भेज दिया गया है।
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गहन जांच शुरू: नैनी कोतवाली में सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब आरोपी ड्राइवर से कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि ड्राइवर ने नशे में गाड़ी चलाई थी, ब्रेक फेल हुआ था, या फिर विधायक के आरोपों के अनुसार उसे किसी ने 'सुपारी' देकर इस काम के लिए भेजा था। ड्राइवर की कॉल डिटेल्स (CDR) और उसकी पृष्ठभूमि भी खंगाली जा रही है।
आगे क्या?
एक सत्ताधारी पार्टी के विधायक पर इस तरह के लगातार संदिग्ध हमलों ने प्रयागराज की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि पुलिस की जांच में यह मामला केवल एक 'सड़क हादसे' का निकलता है, या प्रयागराज में किसी बड़ी राजनीतिक साजिश का पर्दाफाश होता है।
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