मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, दिया स्वस्थ जीवन का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में मनाया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, दिया स्वस्थ जीवन का संदेश
गोरखपुर, 21 जून । पूरे विश्व के साथ-साथ भारत में भी दसवां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस शुक्रवार को पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस विशेष अवसर पर गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में भाग लिया और स्वयं योग किया। यह कार्यक्रम गोरखनाथ मंदिर के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक योग प्रशिक्षण सत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था, जिसमें मुख्यमंत्री ने सक्रिय भागीदारी की।
गोरखनाथ मंदिर परिसर का विशाल प्रांगण सुबह से ही योगार्थियों से भरा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस सामूहिक योगाभ्यास सत्र में अन्य गणमान्य व्यक्तियों, अधिकारियों, स्थानीय लोगों और योग प्रेमियों के साथ विभिन्न आसनों और प्राणायामों का अभ्यास किया। पूरा वातावरण योग की ऊर्जा और सकारात्मकता से ओतप्रोत था, जो स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति जागरूकता का संदेश दे रहा था।
इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह एक प्राचीन भारतीय विद्या है जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ बनाती है। मुख्यमंत्री ने सभी से योग को अपने दैनिक जीवन का अनिवार्य अंग बनाने की मार्मिक अपील की।
उन्होंने जोर देकर कहा कि योगमय जीवन हमें अनगिनत फायदे देता है। मुख्यमंत्री ने कहा, "जो व्यक्ति योग को अपनाता है, उसे बुढ़ापा कभी भी तकलीफ नहीं देता। योग से शरीर हमेशा स्वस्थ, निरोगी और ऊर्जावान बना रहता है।" उन्होंने स्वास्थ्य को जीवन की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा, "स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी धरोहर है। यदि आप स्वस्थ हैं, तो जीवन की किसी भी चुनौती का सामना कर सकते हैं और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।" उन्होंने कहा कि योग तनाव कम करने, मन को शांत रखने, एकाग्रता बढ़ाने और समग्र कल्याण के लिए अत्यंत प्रभावी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योग को मिली अभूतपूर्व पहचान का श्रेय भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अथक प्रयासों को दिया। उन्होंने बताया कि कैसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में योग को वैश्विक मंच पर स्थापित किया गया और संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया। उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए गर्व का विषय है कि आज पूरी दुनिया योग को अपना रही है और इसके अनमोल लाभों को महसूस कर रही है।
मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित साप्ताहिक योग प्रशिक्षण कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को योग से जुड़ने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार भी योग और पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सामूहिक योगाभ्यास और मुख्यमंत्री के संदेश के साथ, गोरखपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह का समापन हुआ। इस आयोजन ने एक बार फिर योग की शक्ति और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता फैलाने के महत्व को रेखांकित किया।