मूसलाधार बारिश में डूबते बच्चों को बचाने के लिए मां ने लगा दी जी-जान: बेमिसाल ममता का अद्भुत दृश्य

मूसलाधार बारिश में डूबते बच्चों को बचाने के लिए मां ने लगा दी जी-जान: बेमिसाल ममता का अद्भुत दृश्य

बिजनौर, 13 जुलाई  बिजनौर से सामने आई एक हृदयविदारक लेकिन प्रेरणादायक घटना ने माँ की ममता की असीम शक्ति को एक बार फिर प्रमाणित कर दिया है। यह कारुणिक और अद्भुत दृश्य लोगों में उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब बिजनौर के रामलीला मैदान में मूसलाधार बारिश की भीषणता के कारण कई फीट पानी भर गया। इस जलप्लावन ने एक ऐसे परिवार के लिए जानलेवा संकट खड़ा कर दिया, जिसने कुछ ही समय पहले इस दुनिया में कदम रखा था।

बादलों ने ऐसे अपना डेरा जमाया कि मूसलाधार बारिश ने थमने का नाम ही नहीं लिया। कुछ ही घंटों में, रामलीला मैदान का विशाल परिसर, जो प्रायः चहल-पहल से गुलजार रहता था, देखते ही देखते एक विशाल झील में तब्दील हो गया। इसी मैदान में, एक नन्ही कुतिया ने, जिसने मात्र एक दिन पहले ही तीन कोमल पिल्लों को जन्म दिया था, उन्हें एक दीवार की सज्जी (दीवार के निचले हिस्से में बनी एक छोटी सी जगह) के नीचे बने अपने अस्थाई बसेरे में सुरक्षित रखा था। लेकिन जलस्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि उसके नवजात बच्चे, जो अभी आँखें भी नहीं खोल पाए थे और पूरी तरह से असहाय थे, देखते ही देखते कमर तक गहरे पानी में डूबने लगे। उनकी छोटी-छोटी साँसें खतरे में पड़ गईं और उनकी जिंदगी पर संकट के बादल मंडराने लगे।

बच्चों को जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करते देख, माँ कुतिया का ममत्व जागृत हो उठा। अपनी शारीरिक कमजोरी के बावजूद, जो प्रसव पीड़ा के कारण स्पष्ट दिख रही थी और जिससे उसका शरीर अभी भी उबर रहा था, उसकी ममता और वात्सल्य instinct ने उसे एक क्षण भी सोचने का मौका नहीं दिया। पीड़ा और थकान को परे धकेलते हुए, उसने अपने बच्चों को बचाने का बीड़ा उठाया। वह तुरंत लबालब भरे पानी में कूद गई। एक-एक करके, उसने अपने कोमल पिल्लों को सावधानी से अपने मुँह में दबाया, उनके नाजुक शरीरों को कोई हानि न पहुँचे, इसका पूरा ध्यान रखते हुए। वह संघर्ष करते हुए गहरे पानी से बाहर निकली और पास ही एक ऊँचे, सूखे स्थान पर पहुँचाया।

यह प्रक्रिया उसने तब तक दोहराई, जब तक कि तीनों बच्चे सुरक्षित नहीं हो गए। इस दौरान, उसने एक पल का भी विश्राम नहीं किया, उसकी आँखों में केवल अपने बच्चों की सुरक्षा का संकल्प था। उसकी हर साँस, हर दौड़ अपने बच्चों के जीवन को समर्पित थी। उसकी कमजोर देह में मानो एक अलौकिक शक्ति का संचार हो गया था।

इस अविश्वसनीय दृश्य को देख रहे आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। उनकी आँखें श्रद्धा और विस्मय से भर उठीं। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि माँ की ममता का ऐसा पराकाष्ठा वाला रूप देखने को मिलेगा। कुछ लोगों ने तुरंत अपने मोबाइल फोन निकाल लिए और इस मार्मिक पल को कैद कर लिया। देखते ही देखते, यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया। वायरल हो रहे इस वीडियो पर लोग अपनी-अपनी भावनाओं को व्यक्त कर रहे थे। हजारों लोग माँ की इस अद्भुत ममता पर अपनी भावनाओं को व्यक्त कर रहे थे। 'माँ की ममता का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है?' 'यह वीडियो आँसुओं से भर देता है!' 'प्रकृति का सबसे शुद्ध प्रेम!' 'ईश्वर ने माँ को कितनी शक्ति दी है!' जैसे कमेंट्स की बाढ़ आ गई, जो इस बात का प्रमाण थे कि माँ का प्रेम कितना सार्वभौमिक और प्रेरक होता है।

यह घटना न केवल एक जानवर के अदम्य साहस को दर्शाती है, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि माँ का प्रेम किसी भी बाधा को पार कर सकता है, फिर चाहे वह इंसान हो या जानवर। यह दृश्य हमेशा के लिए बिजनौर के लोगों की स्मृति में एक अद्भुत मिसाल बनकर दर्ज हो गया है।