समाजवादी पार्टी का पीडीए मतलब 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी : योगी आदित्यनाथ

—संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में आयोजित शिक्षक एवं स्नातक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री ने सपा पर जमकर हमला बोला - राज्यसभा का टिकट मुंबई के एक धन्ना सेठ को बेच दिया -मुख्यमंत्री

समाजवादी पार्टी का पीडीए मतलब 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी : योगी आदित्यनाथ

वाराणसी, 14 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को समाजवादी पार्टी और पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का नारा सही मायने में परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी बनकर रह गया है। राज्यसभा चुनाव में सपा के प्रत्याशियों के चयन का उल्लेख कर उन्होंने पार्टी पर परिवारवाद और टिकट वितरण में पक्षपात करने का आरोप भी लगाया।

मुख्यमंत्री वाराणसी में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने पार्टी के उम्मीदवारों शिक्षक विधान परिषद प्रत्याशी डॉ.प्रमोद मिश्रा और वाराणसी स्नातक विधान परिषद प्रत्याशी केदारनाथ सिंह के समर्थन में मतदान की अपील करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अभी हाल ही में राज्यसभा का चुनाव हुआ। आपने देखा होगा 10 सीट थी। आठ सीट भाजपा जीतती है, सपा के पक्ष में 2 सीट रही। भाजपा ने हर समाज को प्रतिनिधित्व देते हुए उन्हें राज्यसभा में भेजा। लेकिन, समाजवादी पीडीए—पीडीए चिल्लाते हैं, राज्यसभा के टिकट में वो पीडीए कहां चला गया?। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि सपा नेतृत्व ने एक टिकट अपने चाचा रामगोपाल यादव को दिया। वे काशी के ही किसी यादव को यह टिकट दे सकते थे। गाजीपुर, बलिया से किसी को उम्मीदवार बना देते। दूसरी सीट पर किसी दलित को भेज देते, नहीं बनाया। अपने खानदानी वोट मुसलमानों को ही बना देते। वो भी तो नहीं बनाया। वो टिकट उन्होंने मुंबई के एक धन्ना सेठ को बेच दिया। हो गया ना 'परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी' और 'पराया धन अपना।

शिक्षक और स्नातक समाज के पूरक

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज के दो ऐसे वर्ग हैं, जो एक-दूसरे के पूरक हैं। दोनों समाज जागरूक प्रहरी की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। प्रदेश के 60 लाख युवाओं तक टैबलेट पहुंचाए गए हैं और दो करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप इकोसिस्टम और डिजिटल क्रांति को बढ़ावा दिया गया है। जिलों में नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं, जिससे उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार हुआ है। योगी ने मीरजापुर, आजमगढ़, बलिया और भदोही सहित विभिन्न जिलों में विश्वविद्यालयों की स्थापना का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर चिकित्सा विश्वविद्यालय और मेरठ में मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। सम्मेलन में उन्होंने समाजवादी पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में शिक्षक पद खाली थे। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने रिक्त पदों पर नियुक्तियां की हैं और सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों के स्थान पर भी नई नियुक्तियों की प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। पहले कई जिलों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर विश्वविद्यालयों की स्थापना से विद्यार्थियों को अपने जिले और आसपास के क्षेत्रों में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने भदोही में विश्वविद्यालय की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। बलिया में भी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इसके अलावा अन्य जिलों में विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के विकास की दिशा में काम किया गया है।



मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था में सुधार के कारण निवेश का माहौल बेहतर हुआ है। उन्होंने दावा किया कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान दंगे, अराजकता और माफिया के प्रभाव से जुड़ी हुई थी, जबकि अब प्रदेश की छवि में बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने काशी के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखते हुए उसके बुनियादी ढांचे का विकास किया गया है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने को उन्होंने काशी में हुए बदलाव का उदाहरण बताया। सभा को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी संबोधित किया।