शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन बाबा विश्वनाथ धाम से मां विशालाक्षी धाम भेजी गई श्रृंगार सामग्री

—धाम में नवदुर्गा सप्तशती का पाठ संपन्न,श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना

शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन बाबा विश्वनाथ धाम से मां विशालाक्षी धाम भेजी गई श्रृंगार सामग्री

वाराणसी, 12 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में शारदीय नवरात्रि के द्वितीय दिवस के पावन अवसर पर सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से शक्ति स्वरूपा माँ विशालाक्षी के मीरघाट स्थित दरबार में श्रृंगार सामग्री भेजी गई। श्रृंगार सामग्री भेजने के पहले बाबा श्री विश्वेश्वर को विधि-विधानपूर्वक अवलोकित कराने के उपरांत अर्पित की गई।

इस अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में शास्त्रियों ने नवदुर्गा सप्तशती का विधिवत पाठ किया । वैदिक मंत्रोच्चार एवं भक्तिमय वातावरण के मध्य संपन्न इस धार्मिक अनुष्ठान के माध्यम से माँ दुर्गा की आराधना करते हुए लोककल्याण, सुख-समृद्धि, शांति एवं मंगल की कामना की गई। नवदुर्गा सप्तशती का पाठ शक्ति उपासना की महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा है, जो श्रद्धालुओं को भक्ति, आत्मिक शुद्धि तथा सकारात्मक ऊर्जा का संदेश प्रदान करता है।

मंदिर न्यास के अनुसार,काशी की धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान भगवान शिव और माँ आदिशक्ति की उपासना से अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। बाबा श्री काशी विश्वनाथ की नगरी में शैव एवं शाक्त परंपराओं का समन्वय सनातन संस्कृति की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत को अभिव्यक्त करता है। शारदीय नवरात्रि का पर्व इसी परंपरा के अंतर्गत माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना, साधना और उपासना का विशेष अवसर प्रदान करता है।

बताया गया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में नवरात्रि के अवसर पर आयोजित ये धार्मिक अनुष्ठान काशी की सनातन सांस्कृतिक विरासत एवं धार्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण बनाए रखने के प्रति श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इस पावन अवसर पर माँ भगवती से समस्त श्रद्धालुओं के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की गई।-----------------------