पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म आरती में गूंजे जयकारे

पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म आरती में गूंजे जयकारे

पंचामृत अभिषेक के बाद राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म आरती में गूंजे जयकारे

उज्जैन, 13 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार तड़के भगवान महाकाल की भस्म आरती विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद गर्भगृह में विराजित भगवान महाकाल का पूजन-अभिषेक किया गया।

पंचामृत अभिषेक के बाद बाबा महाकाल का आकर्षक राजा स्वरूप में शृंगार किया गया। भस्म आरती के दौरान झांझ-मंजीरे और डमरू की गूंज के बीच श्रद्धालु बाबा के जयकारे लगाते रहे। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान को भस्म अर्पित की गई।

मंगलवार तड़के मंदिर के पट खुलने के बाद पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में स्थापित देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का हरिओम जल से अभिषेक किया गया। दूध, दही, घी, शहद, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक-पूजन संपन्न हुआ। इसके बाद भांग और चंदन अर्पित कर भगवान का दिव्य शृंगार किया गया।

बाबा महाकाल को रजत चंद्र, त्रिशूल और त्रिपुंड से सजाया गया। भगवान के मस्तक पर शेषनाग का रजत मुकुट सुशोभित किया गया, जबकि रजत मुंडमाला और रुद्राक्ष की माला अर्पित की गई। सुगंधित पुष्पों की मालाओं और ड्रायफ्रूट से किए गए शृंगार में भगवान महाकाल का राजा स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहा। पूजन के बाद फल और मिष्ठान का भोग लगाया गया।

भस्म अर्पण के बाद दिए दिव्य दर्शन

भस्म आरती की परंपरा के अनुसार, आरती के बाद ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पण के बाद भगवान का शृंगार कर दर्शन कराए गए। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित होने के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्ति का वातावरण बना रहा। नंदी हॉल में श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन और पूजन किए। कई भक्तों ने नंदी के कान में अपनी मनोकामनाएं कहीं। भस्म आरती में शामिल श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।